मुंबई : ग्लोबल टीचर्स ओलंपियाड (GTO) 2025 सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। यह शिक्षकों के लिए एक राष्ट्रीय स्तर की मूल्यांकन पहल है। इस प्रतियोगिता में भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर से कुछ शीर्ष प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को पहचान और सम्मान दिया गया। ओलंपियाड में 20 से अधिक राज्यों के 1 हजार से ज्यादा स्कूलों के 8 हजार से अधिक शिक्षक शामिल हुए। जिससे इसके बढ़ते वैश्विक प्रभाव और शिक्षण समुदाय में प्रासंगिकता का पता चलता है।
अंतरराष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा एवं विकास संस्थान (II-TED) द्वारा आयोजित यह ओलंपियाड शिक्षण क्षमताओं को मापने और शिक्षण पेशे में उत्कृष्टता को उजागर करने के लिए किया गया। ऑनलाइन, एआई-प्रोक्टर्ड मूल्यांकन में प्रतिभागियों का मूल्यांकन मुख्य क्षेत्रों में किया गया, जैसे:
शिक्षण पद्धति (Pedagogy)
संवाद कौशल
डिजिटल साक्षरता
सामान्य योग्यता (General Aptitude)
भारतीय ज्ञान प्रणाली (Indian Knowledge Systems)
यह मूल्यांकन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के उद्देश्यों के अनुरूप था। इसमें प्रारंभिक से लेकर माध्यमिक स्तर के शिक्षक शामिल हुए।
शिक्षण में उत्कृष्टता को पहचानना
II-TED के अनुसार ओलंपियाड का उद्देश्य शिक्षकों की क्षमताओं को मानकीकृत तरीके से पहचानने और मूल्यांकन करने का एक मंच प्रदान करना था। शीर्ष रैंकधारक शिक्षकों को नकद पुरस्कार, उत्कृष्टता प्रमाणपत्र और छात्रवृत्ति के अवसर दिए गए, जबकि सभी प्रतिभागियों को व्यक्तिगत कौशल मूल्यांकन रिपोर्ट प्रदान की गई।
प्रतिष्ठित स्कूलों, स्वतंत्र संस्थानों और अंतरराष्ट्रीय शिक्षण समुदायों के शिक्षकों शामिल हुए। जिससे ग्लोबल टीचर्स ओलंपियाड 2025 ने एक मानकीकृत शिक्षक क्षमता ढांचा बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया है और इसे आने वाले वर्षों में वार्षिक पहल बनने की उम्मीद है।
II-TED के बारे में
अंतरराष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा एवं विकास संस्थान (II-TED) एक शिक्षा-केंद्रित संगठन है जो संरचित मूल्यांकन और सतत पेशेवर विकास पहल के माध्यम से शिक्षण की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। II-TED शिक्षकों, स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ मिलकर काम करता है ताकि शिक्षण क्षमताओं की पहचान, पेशेवर मानकों का निर्धारण और शिक्षकों के विकास में सहायता की जा सके।