शिमला (हिमाचल प्रदेश) : लद्दाख के पूर्व उपराज्यपाल कविंदर गुप्ता ने मंगलवार को एक सादे समारोह में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल के रूप में शपथ ली। हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति गुरमीत सिंह संधावालिया ने लोक भवन में आयोजित इस समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल अशिम कुमार घोष, मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू भी मौजूद थे। गुप्ता ने हिंदी में शपथ ली।
लोक भवन में पहली बार समारोह की शुरुआत वंदे मातरम् के गायन से हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान हुआ। शपथ ग्रहण समारोह समाप्त होने के बाद फिर से वंदे मातरम् गाया गया। इस मौके पर राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।
इससे पहले आज सुबह राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने शपथ ग्रहण समारोह में जाने से पहले अपने परिवार के साथ पारंपरिक पूजा भी की। बाद में मीडिया से बातचीत में राज्यपाल ने कहा कि वे संविधान के अनुसार काम करेंगे और राज्य सरकार के साथ निकट समन्वय बनाए रखेंगे। राज्यपाल का पद एक संवैधानिक जिम्मेदारी है। राज्यपाल किसी राजनीतिक दल से संबंधित नहीं होता और राज्य व समाज के समग्र विकास के लिए काम करता है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी राज्य है और वे राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर ध्यान देंगे। लद्दाख के उपराज्यपाल के रूप में अपने अनुभव का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियां जम्मू-कश्मीर और लद्दाख जैसी हैं। लद्दाख में अपने कार्यकाल के दौरान मैंने सात महीनों में 10,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा की। मैं पहाड़ी क्षेत्रों की चुनौतियों से परिचित हूं।
अपनी प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने कहा कि वे पर्यावरण संरक्षण, विशेष रूप से राज्य के हरित क्षेत्र को बढ़ाने, सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने और पर्यटन को मजबूत करने, खासकर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेंगे।
उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर दिया, जिसमें आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय मूल्यों को जोड़ा जाएगा। जनजातीय विकास, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, युवाओं का कल्याण और नशे के खिलाफ अभियान को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही दूरदराज के इलाकों में बुनियादी ढांचा और कनेक्टिविटी सुधारने के लिए केंद्र सरकार की योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जाएगा।
राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा, मूल्य आधारित शिक्षण और काउंसलिंग जैसी पहल को मजबूत कर नशामुक्त हिमाचल अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा। युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए खेलो इंडिया जैसी खेल पहलों को भी इससे जोड़ा जा सकता है। उन्होंने चीन से लगने वाले सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के महत्व पर भी जोर दिया और कहा कि वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम जैसी योजनाओं को बढ़ावा दिया जाएगा।