नई दिल्ली :वैश्विक ईंधन आपूर्ति में भू-राजनीतिक बाधाओं के बाद तेल विपणन कंपनियों ने एलपीजी उत्पादन बढ़ाने की ओर कदम उठाए हैं। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी की उपलब्धता को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है।
मंगलवार को जारी संयुक्त बयान में इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन ने इसकी पुष्टि की। मंत्रालय ने घरेलू उपभोक्ताओं और आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों के लिए पर्याप्त एलपीजी भंडार सुरक्षित करने के निर्देश दिए हैं।
संयुक्त बयान में कहा गया है कि ईंधन आपूर्ति में मौजूदा भू-राजनीतिक बाधाओं और LPG की आपूर्ति में कमी को देखते हुए, मंत्रालय ने LPG उत्पादन बढ़ाने और इसे घरेलू उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के लिए सुरक्षित रखने का निर्णय लिया है।
सभी घरेलू उपभोक्ताओं को आपूर्ति सुनिश्चित करने के साथ-साथ अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों जैसे आवश्यक गैर-घरेलू क्षेत्रों को भी जरूरत के अनुसार LPG उपलब्ध कराई जाएगी। अन्य गैर-घरेलू क्षेत्रों के लिए LPG आपूर्ति की मांग की समीक्षा और प्राथमिकता तय करने के लिए तेल विपणन कंपनियों के तीन कार्यकारी निदेशकों की एक समिति गठित की गई है।
बयान में कहा गया कि यदि अन्य क्षेत्रों में भी किसी आवश्यकता को आवश्यक माना जाता है, तो संबंधित पक्ष निर्धारित आधिकारिक ई-मेल आईडी के माध्यम से समिति को आवेदन दे सकते हैं।
इसमें यह भी बताया गया कि गैर-घरेलू LPG की आपूर्ति आयातित उत्पादों की उपलब्धता पर निर्भर करती है, इसलिए समिति हर शिकायत का समाधान करने में सक्षम नहीं हो सकती। सभी अनुरोधों पर उनकी आवश्यकता, उत्पाद की उपलब्धता और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए निर्णय लिया जाएगा।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण वैश्विक ईंधन आपूर्ति पर बढ़ते दबाव के बीच केंद्र सरकार ने मंगलवार को घरेलू ऊर्जा बाजार की सुरक्षा के लिए Essential Commodities Act (EC Act) लागू किया।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार सरकार ने एक नियंत्रण आदेश जारी किया है, जिसके तहत रिफाइनरियों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को LPG का उत्पादन अधिकतम बढ़ाने और महत्वपूर्ण हाइड्रोकार्बन प्रवाह को LPG पूल में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया गया है। जिससे पूरे देश में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।
मंत्रालय ने बताया कि इस अधिनियम को लागू करने से प्राकृतिक गैस के वितरण के लिए एक स्पष्ट प्राथमिकता सूची तय की गई है, जिससे मौजूदा आपूर्ति की कमी का बेहतर प्रबंधन किया जा सके।
नई व्यवस्था के तहत घरों के लिए पाइप से मिलने वाली गैस (PNG) और वाहनों के लिए CNG की आपूर्ति 100 प्रतिशत सुनिश्चित की जाएगी। अन्य क्षेत्रों को उनकी पिछले छह महीनों की औसत खपत के आधार पर सीमित आपूर्ति दी जाएगी।