🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

नो गैस, नो फूड! LPG सिलेंडर की कमी से लगभग बंद होने की कगार पर बेंगलुरु का यह प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट

सिर्फ बेंगलुरु ही नहीं बल्कि चेन्नई कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित देश के कई रेस्टोरेंट में भी यही स्थिति।

बेंगलुरु: बेंगलुरु के लोगों के लिए सुबह का मतलब है गांधी बाजार के प्रसिद्ध 'विद्यार्थी भवन' का कुरकुरा मसाला डोसा और गरम फिल्टर कॉफी। 1943 से चली आ रही यह परंपरा इस बार टूट सकती है। कारण है रसोई गैस की कमी। पश्चिम एशिया के युद्ध के कारण पूरी दुनिया में LPG सिलेंडर की आपूर्ति में कमी आ गई है। इसी वजह से बेंगलुरु के इस प्रतिष्ठित रेस्टोरेंट के बंद होने की नौबत आ गई है। हालांकि सिर्फ बेंगलुरु ही नहीं बल्कि चेन्नई के प्रसिद्ध होटल अन्नपूर्णा में भी यही स्थिति देखने को मिल रही है।

विद्यार्थी भवन के संचालक अरुण अडिगा ने एक राष्ट्रीय समाचार माध्यम को बताया कि उनके पास अब केवल पांच सिलेंडर बचे हैं। गैस बचाने के लिए उन्होंने पहले ही दो बड़े तवे बंद कर दिए हैं। यदि गैस सिलेंडर नहीं मिला तो बुधवार की शाम के बाद शायद डोसा बनाना संभव नहीं होगा।

दूसरी ओर चेन्नई के प्रसिद्ध अन्नपूर्णा होटल की स्थिति भी लगभग वैसी ही है। होटल प्रबंधन ने खाने के मेन्यू को पहले ही छोटा कर दिया है। साथ ही होटल खोलने का समय भी कम कर दिया गया है। इस बारे में अन्नपूर्णा होटल की ओर से एक बयान जारी किया गया है। बयान में कहा गया है कि होटल को पूरी तरह बंद करने के बजाय सेवाओं में कटौती की गई है। आपको सेवा देना जारी रखने के लिए ही यह निर्णय लिया गया है।

LPG गैस सिलेंडर की कमी के कारण कर्नाटक और महाराष्ट्र सहित देश के कई रेस्टोरेंट मालिक गहरी चिंता में पड़ गए हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं मिला तो कई प्रसिद्ध दुकानें कुछ ही दिनों में बंद हो सकती हैं। यह संकट केवल रेस्टोरेंट तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसका डर अब आम लोगों के घरों तक पहुंच गया है। घर का सिलेंडर खत्म हो जाने के डर से कई लोग डीलरों के पास पहले ही लंबी कतारों में खड़े होना शुरू कर चुके हैं।

Prev Article
चुनाव से पहले तमिलनाडु में सनसनी, नाबालिग के साथ बलात्कार के आरोप में सत्तारूढ़ और विपक्षी झड़प
Next Article
व्यावसायिक गैस आपूर्ति बंद होने का आरोप, केंद्र सरकार पर उठे सवाल

Articles you may like: