चेन्नई: सात साल की एक नाबालिग के साथ बलात्कार के आरोप में तमिलनाडु में गहमागहमी का माहौल है। शनिवार को तमिलनाडु के नामक्कल जिले में यह घटना हुई। बलात्कार के आरोप में 24 वर्षीय एक निर्माण श्रमिक को पुलिस ने गिरफ्तार किया। हालांकि इस मामले में राजनीतिक रंग भी लग गया है। विरोधियों ने स्टालिन सरकार की कानून-व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता पर तंज कसा।
वास्तव में क्या हुआ था?
शनिवार को लड़की अपने घर के सामने खेल रही थी। उसी समय अभियुक्त कंस्ट्रक्शन मजदूर मणिकंदन ने उसे घर के सामने से उठा लिया। इसके बाद उसने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसे एक पुल के पास फेंक दिया और भाग गया। यह घटना तब सामने आई जब स्थानीय लोगों ने उसे खून से लथपथ हालत में बचाया। उसके कपड़े भी खून से सने हुए थे।
इसके बाद स्थानीय लोगों ने नाबालिका के परिवार और पुलिस को सूचित किया। उसे स्थानीय एक अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। वर्तमान में नाबालिका वहीं इलाजाधीन है। हालांकि इस घटना ने व्यापक उत्तेजना फैला दी है। स्थानीय लोग पुलिस को घेरे हुए प्रदर्शन कर रहे हैं। वे दोषी को तुरंत सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
इस घटना में राजनीतिक रंग भी लग गया
शनिवार की क्रूरता के संदर्भ में एम के स्टालिन और उनकी पार्टी डीएमके के खिलाफ विपक्षी दलों ने आवाज उठाई है। डीएमके के विरोधी दलों का दावा है कि चुनाव के समय तमिलनाडु में कानून व्यवस्था बनाए रखने में सरकार विफल रही है। पूर्व मुख्यमंत्री और एआईएडीएमके प्रमुख एडप्पाड़ी पलानस्वामी ने कहा कि डीएमके के शासन में राज्य का कोई भी व्यक्ति सुरक्षित नहीं है। उन्होंने सरकार से दोषी को कड़ी सजा देने की मांग की। साथ ही नाबालिका के इलाज की उचित व्यवस्था करने का भी अनुरोध किया।