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कॉफी पीते ही एसिडिटी होती है? ऐसा क्यों होता है और क्या करें कि फायदा भी मिले और परेशानी भी न हो?

एसिड रिफ्लक्स एक ऐसी पाचन संबंधी समस्या है जिसमें पेट का एसिड ऊपर की ओर उठकर भोजन नली में पहुंच जाता है। इससे सीने में जलन या असहजता महसूस होती है।

दुनियाभर में करोड़ों लोगों का दिन एक कप गरम कॉफी से शुरू होता है। कई लोगों के लिए सुबह की कॉफी केवल एक पेय नहीं बल्कि दिन की शुरुआत का प्रिय हिस्सा है लेकिन कई बार यही आदत असुविधा का कारण बन जाती है। कॉफी पीने के बाद यदि सीने में जलन, एसिडिटी या गले में जलन महसूस होती है तो इसमें हैरानी की बात नहीं है। विशेषज्ञों के अनुसार कॉफी एसिड रिफ्लक्स के प्रमुख कारणों में से एक हो सकती है।

एसिड रिफ्लक्स एक ऐसी पाचन समस्या है जिसमें पेट का एसिड ऊपर की ओर उठकर भोजन नली में पहुंच जाता है। इसके कारण सीने में जलन या असहजता महसूस होती है।

कॉफी एसिड रिफ्लक्स का कारण क्यों बनती है?

कॉफी में प्राकृतिक एसिड

कॉफी में स्वाभाविक रूप से कुछ एसिड मौजूद होते हैं। ये एसिड पेट की परत और भोजन नली को उत्तेजित कर सकते हैं, जिससे सीने में जलन या असुविधा हो सकती है।

कैफीन का प्रभाव

कॉफी का मुख्य घटक कैफीन होता है। यह भोजन नली और पेट के बीच मौजूद एक मांसपेशी को ढीला कर देता है, जिसे लोअर इसोफेजियल स्पिंक्टर कहा जाता है। जब यह मांसपेशी ढीली हो जाती है तो पेट का एसिड आसानी से ऊपर की ओर आ सकता है।

पेट में एसिड का अधिक उत्पादन

कॉफी पेट में गैस्ट्रिक एसिड के उत्पादन को बढ़ा देती है इसलिए जिन लोगों का पेट संवेदनशील होता है, उनमें एसिड रिफ्लक्स का खतरा अधिक हो सकता है।

कॉफी की मात्रा और तापमान

एक साथ अधिक मात्रा में कॉफी पीना या बहुत गरम कॉफी पीना पेट में जलन बढ़ा सकता है और एसिडिटी की समस्या को अधिक गंभीर बना सकता है।

किसे अधिक जोखिम होता है?

हर कॉफी प्रेमी को यह समस्या नहीं होती लेकिन जिन लोगों को गैस्ट्रोइसोफेजियल रिफ्लक्स डिजीज GERD है, जो लोग रोजाना कई कप कॉफी पीते हैं, जो खाली पेट कॉफी पीते हैं या जो कॉफी के साथ अधिक तेल मसाले वाला भोजन करते हैं, उनमें यह जोखिम अधिक होता है। इसके अलावा कैफीन के प्रति संवेदनशील लोगों में भी यह समस्या अधिक देखी जाती है। यदि आपको नियमित रूप से सीने में जलन, मुंह में खट्टा स्वाद, पेट फूलना या गले में जलन महसूस होती है तो इसका एक कारण कॉफी भी हो सकती है।

कॉफी किस तरह पीएं जिससे एसिडिटी कम हो?

कॉफी को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है। कुछ आदतों में बदलाव करके इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

पहला, कभी भी खाली पेट कॉफी न पिएं। हल्का भोजन करने के बाद कॉफी पीने से पेट के एसिड का प्रभाव कम हो जाता है।

दूसरा, कॉफी की मात्रा नियंत्रित रखें। दिन में तीन कप से अधिक कॉफी न पीना बेहतर होता है।

तीसरा, अधिक फैट वाले दूध या क्रीमर की जगह कम फैट वाला दूध, बादाम दूध या सोया दूध इस्तेमाल किया जा सकता है। सबसे बेहतर बिना चीनी की ब्लैक कॉफी होती है।

चौथा, संभव हो तो डिकैफ कॉफी चुनें, जिससे कैफीन की मात्रा कम हो जाती है।

इसके अलावा यदि कागज के फिल्टर का उपयोग करके कॉफी बनाई जाए तो कुछ तेल और यौगिक छान जाते हैं। इससे कॉफी अपेक्षाकृत हल्की हो जाती है और पेट के लिए अधिक सहनशील हो सकती है। सही आदतों के साथ कॉफी पीने से उसके स्वाद का आनंद भी लिया जा सकता है और असुविधा से भी काफी हद तक बचा जा सकता है।

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