पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का बिगुल फुंका जा चुका है। राज्य में चुनाव आयोग की फुलबेंच दौरे पर आ चुकी है। इस बेंच ने चुनाव को लेकर सर्वदलीय बैठक करने के साथ-साथ चुनाव के दौरान हिंसा को रोकने और शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव को सुनिश्चित करने के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के साथ भी बैठक की।
आम तौर पर चुनाव आयोग के प्रतिनिधि जैसे ही संबंधित राज्य का दौरा पूरा कर लेते हैं, उसके बाद ही विधानसभा चुनावों की घोषणा हो जाती है। बंगाल में कब घोषित होगी विधानसभा चुनाव की तारीखें?
बंगाल में लिया तैयारियों का जायजा
रविवार की देर शाम को चुनाव आयोग की फुल बेंच कोलकाता पहुंची। अपने 3 दिनों के दौरे में चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार में पश्चिम बंगाल में चुनाव की तैयारियों के संबंध में पड़ताल की। सोमवार को चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, उपायुक्त ज्ञानेश भारती, सुखबीर सिंह संधु व विवेक जोशी ने संयुक्त रूप से बैठक की। चुनाव आयोग की टीम सिर्फ पश्चिम बंगाल ही नहीं बल्कि इससे पहले केरल, तमिलनाडु, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी चुनाव से संबंधित तैयारियों को लेकर वहां का दौरा किया था।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल की तरह ही इन राज्यों में विधानसभा की मियाद मई से जून के बीच में ही पूरी हो रही है। पश्चिम बंगाल में वर्तमान विधानसभा की मियाद 7 मई, तमिलनाडु में 10 मई, असम में 20 मई, केरल में 23 मई और पुडुचेरी में 15 जून को खत्म हो रही है।
कब घोषित हो सकती है बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीख?
आमतौर पर जब भी चुनाव आयोग की फुल बेंच उस राज्य में चुनाव की तैयारियों से संबंधित सभी जानकारियां जुटा लेती है, जहां विधानसभा चुनाव होने हैं, संबंधित राज्य का दौरा पूरा कर लेती है तो उसके तुरंत बाद ही चुनाव की घोषणा कर दी जाती है।
पश्चिम बंगाल में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में चुनाव आयोग की फुल बेंच अपना दौरा पूरा कर 10 मार्च को दिल्ली वापस जा सकती है। संभावना जतायी जा रही है कि इसके बाद ही पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा कर दी जा सकती है।