पश्चिम बंगाल में नार्कोटिक्स एडवाइजरी कमेटी क्यों नहीं है? यह सवाल उठाया है मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) ने। राज्य प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सोमवार को हुई बैठक के दौरान उन्होंने यह सवाल उठाया है। उन्होंने सिर्फ यह सवाल ही नहीं उठाया बल्कि जब राज्य पुलिस के डीजी (कानून) विनीत गोयल इसका जवाब देने गए तब उन्हें फटकार भी लगायी।
इसके बाद ही चुनाव आयोग की फुल बेंच ने स्पष्ट कर दिया कि कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और चुनाव का सटीक रूप से संचालन करने में अगर कहीं भी लापरवाही दिखी तो इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चुनाव आयोग सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार सोमवार की बैठक में देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के गुस्से का सामना 4 एनफोर्समेंट एजेंसी को भी करना पड़ा है। कौन सी एजेंसियां हैं जिन्हें बैठक के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त से फटकार मिली?
मिली जानकारी के अनुसार Excise, Narcotics के साथ-साथ Airport Authority of India व RBI को भी ज्ञानेश कुमार ने फटकारा। साथ ही कस्टम्स विभाग को सख्त हिदायत दी है कि चुनाव से पहले नशीले पदार्थों का उत्पादन न बढ़े, इसे सुनिश्चित किया जाए। कहा गया है कि सीमावर्ती इलाकों में शराब के उत्पादन को बंद करने का आदेश भी दिया गया है।
ज्ञानेश कुमार ने सवाल उठाया कि पूरे देश में केवल पश्चिम बंगाल ही एकमात्र ऐसा राज्य क्यों है जहां नार्कोटिक्स एडवाइजरी कमेटी नहीं है। इसका जवाब देते हुए विनीत गोयल ने कहा कि जल्द ही इस मामले में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। कमेटी क्यों नहीं है? गोयल इसका जैसे ही जवाब देने लगे उनकी बात को अनसुनी करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ने उन्हें फटकार दिया। CEO ऑफिस सूत्रों के हवाले से यह दावा किया जा रहा है।
वहीं रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को सख्त हिदायत देते हुए ज्ञानेश कुमार ने कहा कि चुनाव के समय किसी भी प्रकार से काले धन का कारोबार न हो सकें, जिलों में इस मामले में कड़ी निगरानी करने का परामर्श भी दिया है।