मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार (Gyanesh Kumar) के नेतृत्व में चुनाव आयोग की फुल बेंच पश्चिम बंगाल के दौरे पर आने वाली है। गुरुवार को चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया कि 8 मार्च को चुनाव आयोग का प्रतिनिधिमंडल पश्चिम बंगाल आएगा।
उक्त अधिकारी ने बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल रविवार (8 मार्च) की रात को राज्य में आएगा जो अगले मंगलवार तक राज्य में रहेगा। पर SIR के अंतिम पड़ाव पर पहुंचने के बाद आखिर क्यों चुनाव आयोग का प्रतिनिधिमंडल पश्चिम बंगाल आ रहा है?
Telegraph की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल में इस साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए ही चुनाव आयोग का प्रतिनिधिमंडल राज्य में आ रहा है। चुनाव आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अपने दौरे के दौरान चुनाव आयोग का प्रतिनिधिमंडल विधानसभा चुनाव से संबंधित प्रमुख अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और कानून-व्यवस्था को बनाए रखने में जिम्मेदार अधिकारियों के साथ बैठक भी कर सकते हैं।
बताया जाता है कि चुनाव आयोग विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बारे में जानकारी लेने के साथ ही विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों के साथ बात भी करेंगे।
राज्य चुनाव आयोग सूत्रों के हवाले से बताया जाता है कि पश्चिम बंगाल समेत 5 केंद्र शासित प्रदेश व राज्यों में मार्च के दूसरे सप्ताह में विधानसभा चुनाव की घोषणा की जा सकती है। हालांकि बताया जाता है कि चुनाव की तारीखें अभी तक तय नहीं की गयी है।
पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) मनोज अग्रवाल भी उसी दिन जिलाधिकारियों और निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे जिसमें चुनाव की तैयारियों से संबंधित बातचीत की जाएगी।
गौरतलब है कि राज्य के अलग-अलग हिस्सों व जिलों में पहले चरण के तहत 240 कंपनी केंद्रीय बल के जवानों को तैनात किया जा रहा है।