शुक्रवार को एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली एथलिट स्वप्ना बर्मन तृणमूल कांग्रेस में शामिल हो गयी। बतौर प्रथम भारतीय जलपाईगुड़ी की राजवंशी परिवार की बेटी स्वप्ना बर्मन ने एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता था। तृणमूल में योगदान देने के बाद स्वप्ना ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से प्रेरित होकर ही इस पार्टी में शामिल हुई।
वह बंगाल को ऐसी ऊंचाई पर ले गयी हैं जो अन्य किसी राज्य में नहीं हुआ है। स्वप्ना बर्मन ने कहा कि आम लोगों के लिए काम करने के लिए यह बहुत बड़ा मंच है, इसी वजह से मैंने तृणमूल में शामिल होने का फैसला लिया।
पिछले साल ही राजनीति में शामिल होने की बात स्वप्ना बर्मन ने संभावना जतायी थी। अर्जुन पुरस्कार विजेता खिलाड़ी स्वप्ना बर्मन ने वर्ष 2026 में सरप्राइज मिलने की बात कही थी। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया था कि किस पार्टी में वह शामिल होने वाली हैं। स्वप्ना ने कहा था कि उत्तर बंगाल के लिए खास तौर पर खेल के क्षेत्र में विकास की शर्त पर ही उन्होंने राजनीति में उतरने का फैसला लिया।
Read Also | 'बंकिमदा' विवाद के बीच बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के वंशज भाजपा में हुए शामिल
स्वप्ना बर्मन जलपाईगुड़ी में चाय बगान से घिरे घोषपाड़ा गांव की रहने वाली है। बचपन से ही स्वप्ना ने अपने परिवार में आर्थिक समस्याएं देखी थी। स्वप्ना के पिता पंचानन वर्मा रिक्शा चलाते हैं और मां वासना बर्मन चाय बगान में काम करते हैं। साल 2013 में शारीरिक समस्याओं की वजह से स्वप्ना के पिता काम छोड़ने पर मजबूर हो गए थे। इसके बाद से ही परिवार के लिए कमाने की जिम्मेदारी स्वप्ना बर्मन ने अपने कंधे पर उठा ली।
एक ओर परिवार की जरूरतों को पूरा करना और दूसरी ओर एथलिट बनने की लड़ाई - स्वप्ना बर्मन जीवन के कठिन युद्ध की योद्धा बन गयी। वर्ष 2018 में एशियन गेम्स में स्वप्ना ने स्वर्ण पदक जीता था। वर्ष 2017 में एशियन एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में स्वप्ना ने चौथा स्थान प्राप्त किया था। साल 2017 में दिल्ली में फेडरेशन कप और भुवनेश्वर में एशियन चैम्पियनशिप में स्वप्ना बर्मन ने स्वर्ण पदक जीता था।