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नरेंद्र मोदी के 'खुली चिट्ठी' का पलटवार : तृणमूल की 'स्पष्ट स्वीकारोक्ति' जारी

इस पत्र पर लिखा गया है, 'यह वह पत्र है जिसे नरेंद्र मोदी कभी आपको नहीं भेजेंगे।'

By Prasenjit Bera, Posted By : Moumita Bhattacharya

Feb 27, 2026 11:00 IST

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर राज्य और राष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो रही है। ऐसे समय में गत सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने बंगाल के लोगों के नाम खुला पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने तृणमूल सरकार की तीखी आलोचना करते हुए एक बार भाजपा को मौका देने का अनुरोध भी किया था।

भाजपा खेमे के इस प्रचार अभियान का अब तृणमूल ने पलटवार किया है। गुरुवार को तृणमूल की ओर से नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाला एक पत्र जारी किया गया है जिसके ऊपर लिखा है 'बंगाल के लोगों के सामने मेरी स्पष्ट स्वीकारोक्ति'। तृणमूल की ओर से अपने आधिकारिक X हैंडल पर इसे पोस्ट किया गया है। इसके साथ ही लिखा गया है, 'यह वह पत्र है जिसे नरेंद्र मोदी कभी आपको नहीं भेजेंगे।'

क्या है इस पत्र में?

तृणमूल कांग्रेस की ओर से जारी इस पत्र के दूसरे पैराग्राफ में लिखा हुआ है कि सबसे पहले मैं यह स्वीकार करता हूं कि बंगाल के विकास की गति के साथ कदमताल नहीं मिला पाने की वजह से मैंने जानबुझकर राज्य के 2 लाख करोड़ रुपए के अनुदान को रोक दिया है। इस प्रचार पत्र के आखिरी पैराग्राफ में लिखा हुआ है, 'एक दशक से अधिक समय में विकसित भारत का गठन न कर पाने वाला एक स्वघोषित व्यर्थ प्रधानमंत्री होने के बावजूद मैं आपकी जमीन पर अपने कदम रखूंगा, विकसित बंगाल के खोखले वादे करूंगा और आपसे समर्थन की भीख मांगूंगा।'

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नरेंद्र मोदी ने अपने पत्र की शुरुआत में 'जय मां काली' के उद्घोष से की थी। तृणमूल कांग्रेस ने इसका जवाब देते हुए लिखा है, 'मैंने हमेशा से दावा किया था कि बंगाल में दुर्गापूजा को बंद कर दिया गया है जो आखिरकार झूठा साबित हुआ है। अब और कोई रास्ता नहीं रहने की वजह से मुझे जय मां काली का नारा लगाकर दिखावटी भक्ति प्रदर्शित करने का नाटक करना पड़ रहा है।'

आरोप-प्रत्यारोप का दौर

गौरतलब है कि भाजपा ने जिस प्रकार से नरेंद्र मोदी का खुला पत्र जारी किया था, उसी अंदाज में मोदी की फोटो लगाकर तृणमूल ने 'मेरी स्पष्ट स्वीकारोक्ति' को तैयार किया है। हालांकि अंदाज भले ही एक जैसा हो लेकिन प्रचार का स्टाइल पूरी तरह से अलग है। इस बारे में तृणमूल के प्रवक्ता का कहना है कि युग के साथ-साथ चुनाव प्रचार का तरीका भी बदल रहा है, स्टाइल बदल रहा है। यह उसी का उदाहरण है। मोदी के पत्र का तृणमूल ने मजेदार जवाब दिया है।

वहीं भाजपा के प्रवक्ता देवजीत सरकार का कहना है कि इस पत्र की क्या क्वालिटी है, इसका फैसला आम जनता ही करेगी। पत्र लिखिए, उसमें क्या असुविधा है। अगर केंद्रीय परियोजनाओं की सहायता नहीं होती तो राज्य के आम लोगों की हालत और भी खराब हो जाती।

बता दें, राज्य में रहने वाले गैर-बांग्लाभाषी लोगों को ध्यान में रखते हुए बांग्ला के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा में भी तृणमूल ने यह पत्र जारी किया है। भाजपा ने नरेंद्र मोदी के पत्र को तीन भाषाओं में जारी किया था। जिस तरह से भाजपा ने इस पत्र को राज्य के घर-घर में पहुंचाने की योजना बनायी है, तृणमूल ने भी पलटवार करते हुए 'मेरी स्पष्ट स्वीकारोक्ति' पत्र को राज्य के प्रत्येक घर तक पहुंचाने की योजना बना ली है।

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