एन्फोर्समेंट डिरेक्टोरेट ने पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री व कांग्रेसी नेता पी. चिदम्बरम और उनके बेटे कीर्ति चिदम्बरम के खिलाफ नई चार्जशीट दायर की है। इसके साथ ही बाप-बेटे की इस जोड़ी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। पिछले लंबे समय से ही दोनों के खिलाफ ED एयरसेल-मैक्सिम मामले की जांच कर रही है। इस मेगा भ्रष्टाचार मामले में ED ने जो नई चार्जशीट दायर की है उसमें दोनों के खिलाफ बड़े आरोप लगाए हैं। इस मामले में चिदम्बरम परिवार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होने की संभावनाएं बढ़ गयी है।
ED ने लगाए कौन से आरोप?
आरोप है कि पी. चिदम्बरम ने गैर-कानूनी तरीके से एक विदेशी कंपनी को निवेश में छूट दिया था। नियमानुसार वह सर्वाधिक 600 करोड़ रुपए तक के निवेश में छूट दे सकते थे। उससे अधिक की छूट के लिए प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली कमेटी से अनुमति लेने की जरूरत थी। लेकिन आरोप है कि उन्होंने करीब 3560 करोड़ रुपए के निवेश के लिए गैर-कानूनी तरीके से अनुमति दी थी। दावा किया जा रहा है कि कमेटी की नजरों से बचकर उन्होंने निवेश की रकम काफी कम कर दी थी।
घूस में मोटी रकम लेने का आरोप
ED का आरोप है कि इस गैर-कानूनी काम की वजह से चिदम्बरम परिवार ने घूस में मोटी रकम वसूली थी। कीर्ति चिदम्बरम के दो फर्जी कंपनियों के बैंक अकाउंट में 1.16 करोड़ रुपया भेजा गया था। आरोप है कि सॉफ्टवेयर कंसल्टेंसी के बहाने से यह रुपया लिया गया था। ED ने आरोप लगाया है कि इन रुपयों का इस्तेमाल बाप-बेटे दोनों ने ही अपने फायदे के लिए किया है।
हो सकती है कानूनी कार्रवाई
पी. चिदम्बरम और कीर्ति चिदम्बरम ने इन आरोपों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया है। उनका दावा है कि सभी काम नियमानुसार ही किए गए थे। हालांकि पूर्व केंद्रीय मंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की अनुमति ED को दे दी गयी है। पिछले लगभग 1 दशक से यह मामला अदालत में विचाराधीन है। अब इस मामले में आखिरी सुनवाई प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।