यरूशलमः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सतत विकास में जल और कृषि की अहम भूमिका को रेखांकित करते हुए इन क्षेत्रों में साझेदारी मजबूत करने पर सहमति जताई। सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों में जल संरक्षण, अपशिष्ट जल का शोधन और कृषि में पुनः उपयोग, समुद्री जल का विलवणीकरण, जल उपयोगिताओं में सुधार और उन्नत जल तकनीकों के माध्यम से गंगा सहित अन्य नदियों की सफाई शामिल है।
यरूशलम में जारी भारत-इज़राइल संयुक्त बयान में कहा गया है कि दोनों नेताओं ने इज़राइल में चल रहे कृषि क्षमता निर्माण कार्यक्रम को और मजबूत करने पर सहमति जताई, जिसे इज़राइल की अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग एजेंसी MASHAV भारत के कृषि मंत्रालय के सहयोग से संचालित कर रहा है और जिससे लाखों भारतीय किसान प्रशिक्षण, नवाचार और तकनीकी ज्ञान का लाभ ले रहे हैं। भारत में संचालित 35 कृषि उत्कृष्टता केंद्रों और 8 नए संयुक्त केंद्रों की प्रगति की भी समीक्षा की गई, जहां अब तक दस लाख से अधिक किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और MASHAV के बीच इंडिया-इज़राइल इनोवेशन सेंटर फॉर एग्रीकल्चर (IINCA) के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर का स्वागत किया गया, जिससे कृषि अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय शोधकर्ताओं के लिए वोल्कानी एग्रीकल्चर रिसर्च ऑर्गनाइजेशन में 20 संयुक्त फेलोशिप शुरू करने की भी घोषणा की गई। जनवरी 2026 में मत्स्य पालन और एक्वाकल्चर सहयोग पर हस्ताक्षरित डिक्लेरेशन ऑफ इंटेंट का स्वागत करते हुए इस क्षेत्र में संयुक्त उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने पर भी सहमति बनी। पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, तकनीक हस्तांतरण, सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने, जैव विविधता संरक्षण और प्रदूषण रोकथाम पर भी द्विपक्षीय विचार-विमर्श करने का निर्णय लिया गया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दिखाए भारत-इज़राइल के मजबूत रिश्ते
प्रधानमंत्री मोदी के दो दिवसीय राजकीय दौरे के दौरान इज़राइल पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। तेल अवीव हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा नेतन्याहू ने व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत किया और विशेष गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस अवसर पर भारतीय सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और प्रवासी भारतीय समुदाय की उत्साही भागीदारी ने कार्यक्रम को खास बना दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से दिव्यांग कलाकारों के समूह द्वारा प्रस्तुत “I Love My India” गीत की सराहना की और इसे भारत और इज़राइल के साझा विरासत और स्थायी संबंधों का प्रतीक बताया। इसके अलावा केरल केयरगिवर्स समुदाय के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत ‘थिरुवातिरा’ नृत्य ने भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपराओं को प्रदर्शित किया।
होलोकॉस्ट स्मारक पर श्रद्धांजलि, कई समझौतों पर हस्ताक्षर
प्रधानमंत्री मोदी ने यरूशलम स्थित विश्व होलोकॉस्ट स्मरण केंद्र ‘याद वाशेम’ में पुष्पांजलि अर्पित की और ‘हॉल ऑफ नेम्स’ का दौरा किया, जहां होलोकॉस्ट में मारे गए लोगों की स्मृति संरक्षित है। इस दौरान प्रधानमंत्री नेतन्याहू उनके साथ मौजूद रहे। मोदी ने इज़राइल के राष्ट्रपति इसाक हर्ज़ोग से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने तकनीक, नवाचार, स्टार्टअप जैसे भविष्य उन्मुख क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाओं पर चर्चा की। इस यात्रा के दौरान भारत और इज़राइल के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा, शिक्षा, नवाचार, जियोफिजिकल अन्वेषण, समुद्री विरासत, मत्स्य पालन, एक्वाकल्चर, वाणिज्य और कृषि समेत कई क्षेत्रों में समझौते और एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जो दोनों देशों के रणनीतिक, तकनीकी और आर्थिक संबंधों को और मजबूत करेंगे।