अफगानिस्तान ने पाकिस्तान पर जवाबी हमला करना शुरू कर दिया है। गुरुवार को तालिबान सरकार ने कहा कि उसने पाकिस्तान के अफगान सीमा से सटे इलाकों पर 'जवाबी हमला' करना शुरू किया है। कुछ दिन पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में अंदर घुसकर एयरस्ट्राइक किया था। उस समय तालिबान सरकार ने 'कड़ा जवाब' देने की चेतावनी दी थी। कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि डूरंड लाइन फिर से गर्मा रहा है।
तालिबान का बड़ा जवाबी हमला
तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने एक बयान में कहा कि तालिबान सेना ने डूरंड लाइन पर पाकिस्तानी सेना केंद्र और मिलिशिया ठिकानों पर 'बड़ा जवाबी हमला' किया है। उन्होंने दावा किया कि यह कदम पाकिस्तानी सेना के बार-बार सीमाओं का उल्लंघन करने और उकसाने की वजह से उठाया गया है। अफगान सेना के अधिकारियों ने दावा करते हुए कहा कि तालिबान सेना ने पाकिस्तानी सीमा पर कई चौकियों को निशाना बनाकर भारी हमले किए हैं।
क्यों बने युद्ध जैसे हालात?
22 फरवरी की रात को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के नंगरहार और पक्तिका प्रांतों में एयरस्ट्राइक किया था। इस्लामाबाद ने दावा किया कि उन्होंने सिर्फ तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और IS (ISKP) के आतंकी ठिकानों को तबाह किया। उन्होंने यह भी दावा किया कि हमले में कम से कम 70-80 आतंकवादी मारे गए। पाकिस्तान के सूचना व प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि यह कदम हाल के दिनों में हुए कई आत्मघाती बम हमलों के बाद लिया गया।
तालिबान का दावा क्या है?
तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के इस दावे को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के बम आम लोगों के घरों, मदरसों और मस्जिदों पर गिरे हैं। इस हमले में महिलाओं और बच्चों समेत कम से कम 18 बेगुनाह लोग मारे गए। संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी तालिबान के दावे पर सहमति जताई है। उन्होंने इस खबर की पुष्टि की है कि पाकिस्तानी बमबारी में आम लोग मारे गए हैं।
बढ़ रहा तनाव
अफगानिस्तान ने पहले ही जवाबी हमले की चेतावनी दी थी। आखिरकार पाकिस्तान पर उन्होंने पलटवार कर ही दिया है। दोनों देशों की सीमा यानी डूरंड लाइन पर इस समय तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। स्थिति किस ओर मोड़ लेती है, क्या छोटी-मोटी झड़पों के बाद अब किसी बड़े युद्ध की शुरुआत हो सकती है? डूरंड विशेषज्ञ फिलहाल यहीं आशंका जता रहे हैं।