पिछले करीब 200 साल पुराने ऐतिहासिक भवन में किसी जमाने में चलता था लोहिया मातृसदन। पिछले लगभग 10 सालों से बंद पड़ गया था यह अस्पताल। अब एक बार फिर से इस अस्पताल को शुरू किया गया है लेकिन एक ट्विस्ट के साथ। ग्रेड-1 हेरिटेज भवन की मरम्मत के बाद चार्नक लोहिया अस्पताल के तौर पर इसे फिर से खोला गया है। इस तरह यह कोलकाता का पहला अस्पताल बन गया है जो एक हेरिटेज बिल्डिंग में मौजूद है।
गुरुवार को आधिकारिक तौर पर राज्य के पहले निजी हेरिटेज सुपर-स्पेशियालिटी अस्पताल को शुरू कर दिया गया। अस्पताल के उद्घाटन समारोह में कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम, स्वास्थ्य और वित्त मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य, नारी-शिशु व समाज कल्याण मंत्री डॉ. शशि पांजा और दमकल मंत्री सुजीत बोस की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
इस बारे में अस्पताल प्रबंधन की ओर से बताया गया कि लगभग 4 बीघा भूमि पर इस परियोजना का निर्माण किया गया है। बताया जाता है कि इस परियोजना के लिए ₹250 करोड़ से अधिक की लागत आयी है। दावा किया जा रहा है कि यहां 1000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा।
क्या-क्या मिलेगी सुविधा?
अस्पताल में 250 से अधिक बेड की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा-अलावा कौन सी विशेष सुविधाएं यहां होंगी -
जनरल बेड - 90 से ज्यादा
निजी केबिन - लगभग 20
विभिन्न विभागों में आईसीयू - लगभग 70
इसके साथ ही अत्याधुनिक मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, कैथ लैब, न्यूरो और सीटीवीएस सर्जरी की सुविधा, आपातकालिन विभाग और डायलिसिस यूनिट की सुविधा भी रहेगी।
यह अस्पताल गिरीश पार्क मेट्रो स्टेशन से मात्र 500 मीटर की दूरी पर रवींद्र सरणी में मौजूद है। अस्पताल के शुरू होने से उम्मीद की जा रही है कि बड़ा बाजार और उत्तर कोलकाता के निवासियों को अत्याधुनिक चिकित्सा व्यवस्था को आसान तरीके से प्राप्त करने का मौका मिल सकेगा।