कुछ दिनों पहले ही T20 विश्वकप को बीच में छोड़कर ही रिंकु सिंह (Rinku Singh) को घर वापस लौटना पड़ा था। अपने पिता की बीमारी की वजह से उन्हें वापस लौट आना पड़ा था। वह पिछले लंबे समय से कैंसर से जुझ रहे थे। शुक्रवार की सुबह करीब 4.36 बजे रिंकु सिंह के पिता खानचंद सिंह का निधन हो गया। उन्हें चौथे स्टेज का लिवर कैंसर था।
पिछले दिनों उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर ग्रेटर नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। गुरुवार से ही उनकी हालत ज्यादा खराब होने लगी थी। इस खबर के फैलते ही फैंस रिंकु सिंह और उनके परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
बता दें, रिंकु सिंह T20 विश्वकप टीम का हिस्सा थे लेकिन पिता की बीमारी की वजह से जिम्बाब्वे के साथ होने वाले मैच से महज एक दिन पहले उन्हें घर लौटना पड़ा था। इसके बाद चेन्नई में उन्होंने टीम को फिर से ज्वाइन किया था।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिता के निधन की सूचना मिलते ही रिंकु सिंह अलीगढ़ रवाना हो चुके हैं जहां उनके पिता का अंतिम संस्कार किया जाएगा। विश्वकप के बाकी मैच रिंकु सिंह खेल पाएंगे या नहीं इस बात को लेकर संशय बरकरार है।
अभी तक आधिकारिक तौर पर इस बाबत कोई घोषणा भी नहीं की गयी है। अन्य क्रिकेट खिलाड़ियों व पूर्व खिलाड़ियों ने भी रिंकु सिंह के पिता के निधन पर शोक व्यक्त किया है। हरभजन सिंह ने कहा है कि रिंकु सिंह के पिता के निधन की खबर से बहुत दुःख हुआ। यह रिंकु और उनके परिवार के लिए एक मुश्किल घड़ी है। वह विश्वकप के प्रति पूरी तरह से समर्पित था। उसके परिवार के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।
गौरतलब है कि रिंकु सिंह ने हाल के वर्षों में भारतीय क्रिकेट टीम में अपनी अलग पहचान बनायी है। अपनी विस्फोटक और जिताऊ पारियों की वजह से रिंकु सिंह को इस वक्त क्रिकेट जगत का चमकता सितारा माना जाता है। संघर्ष के दिनों में रिंकु सिंह के पिता खानचंद सिंह ने हमेशा उन्हें प्रोत्साहित किया था। रिंकु सिंह के क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने में उनके पिता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी थी। रिंकु सिंह की सफलता के पीछे उनके पिता का बहुत बड़ा योगदान माना जाता रहा है।