जादवपुर यूनिवर्सिटी में छात्रों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और रैगिंग के मामले कम होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। हाल ही में यूनिवर्सिटी के तुलनात्मक साहित्य विभाग के दूसरे वर्ष के एक छात्र ने डीन ऑफ स्टूडेंट्स के पास लिखित शिकायत दर्ज करवायी है। इसके बाद ही यूनिवर्सिटी परिसर में एक बार फिर से छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
दर्ज शिकायत में कहा गया है कि 13 फरवरी की शाम को आर्ट्स बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर उक्त छात्र और उसके कुछ दोस्त जब बैठे हुए थे तब कुछ सीनियर छात्र और उसके कुछ सहपाठी वहां पहुंचे और उन्हें परेशान करना शुरू कर दिया। शिकायतकर्ता छात्र का आरोप है कि प्रथम वर्ष के दो छात्रों ने उनकर छिंटाकशी करनी शुरू कर दी। इसके साथ उनके साथ गाली-गलौज भी की गयी। पत्र में शिकायतकर्ता छात्र ने लिखा है कि उसे सामूहिक पिटाई कर यूनिवर्सिटी परिसर से बाहर निकाल देने की धमकी तक दी गयी।
छात्र का आरोप है कि उसके साथ जो कुछ भी हुआ वह कोई आम मामला नहीं है। पिछले लंबे समय से ही उक्त छात्र और उसके कुछ दोस्त परिसर में पूर्व छात्रों की नाराजगी झेल रहे हैं। आरोप है पूर्व छात्र एक छात्र संगठन से जुड़े हुए हैं। उक्त छात्र संगठन के जुलूस में शामिल होने के लिए ही उसपर और उसके दोस्तों पर दबाव बनाया जा रहा है।
अगर ऐसा नहीं किया गया तो विभागाध्यक्ष के माध्यम से उनका कॅरियर बर्बाद करने की धमकी भी दी जा रही है। छात्र का आरोप है कि इस तरह के दबाव की वजह से वह अवसाद से ग्रसित हो गया है और पिछले लगभग 1 माह से क्लास भी नहीं कर पा रहा है। उसे मनोविद की मदद लेनी पड़ रही है।
उक्त छात्र का आरोप है कि उसके ही कुछ सहपाठी इस प्रताड़ना में मदद पहुंचा रहे हैं। इस बारे में यूनिवर्सिटी के उपाचार्य चिरंजीव भट्टाचार्य ने कहा कि शिकायत मिली है। कानून के आधार पर जो करना चाहिए, वहीं किया जाएगा। हालांकि आरोपियों का कहना है कि उनपर लगाए गए आरोप राजनीति से प्रेरित हैं।