दुबईः ईरान के सरकारी टेलीविजन ने गुरुवार को एक संदेश प्रसारित किया जिसमें ईरान के अयातुल्ला अब्दुल्ला जवादी आमोली ने इज़राइलियों और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ तीखा बयान दिया। अयातुल्ला एक धार्मिक उपाधि है, जो इस्लाम के शिया संप्रदाय के अत्यंत वरिष्ठ और सम्मानित धार्मिक विद्वानों को दी जाती है।
यह संदेश ऐसे समय सामने आया है जब ईरान पर इज़राइल और संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा संयुक्त हवाई हमलों का अभियान चलाया जा रहा है। मौजूदा तनावपूर्ण हालात के बीच ईरान के धार्मिक नेताओं की ओर से सार्वजनिक बयान बहुत कम सामने आए हैं, इसलिए इस संदेश को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
अपने संदेश में अयातुल्ला अब्दुल्ला जवादी आमोली ने कहा कि देश इस समय एक बड़े परीक्षण के दौर से गुजर रहा है और ऐसे समय में एकता और गठबंधन को पूरी तरह बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे आपसी एकजुटता को मजबूत रखें और कठिन परिस्थितियों में भी साथ मिलकर खड़े रहें।
उन्होंने अपने बयान में इज़राइलियों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बेहद कठोर टिप्पणी करते हुए कहा कि इज़राइलियों और ट्रंप का खून बहाया जाना चाहिए। अत्याचारी अमेरिका के खिलाफ लड़ाई जारी रहनी चाहिए।
यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में सैन्य और राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है और कई देशों के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा संघर्ष और हवाई हमलों की पृष्ठभूमि में ईरान के धार्मिक नेतृत्व की ओर से दिया गया यह संदेश क्षेत्र में बढ़ते तनाव को और अधिक गहरा कर सकता है।