मैड्रिड : ईरान तथा पश्चिम एशिया में अमेरिका के सैन्य अभियान में शामिल होने के लिए स्पेन राजी हो गया है ऐसा दावा किया था व्हाइट हाउस ने लेकिन अमेरिका के इस दावे को स्पेन ने खारिज कर दिया। पश्चिम एशिया में युद्ध को लेकर उसकी सरकार की स्थिति में ‘कोई बदलाव नहीं आया है’, यह बताया स्पेन के विदेश मंत्री होसे मैनुएल अल्बारेस ने।
उल्लेखनीय है कि स्पेन के साथ सभी प्रकार के व्यापार बंद करने की धमकी दी थी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने। ईरान के खिलाफ चल रहे अभियान में स्पेन के विभिन्न सैन्य अड्डों को अमेरिकी सेना द्वारा उपयोग करने से रोकने पर उन्होंने यह चेतावनी दी थी।
बुधवार को व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने दावा किया कि अपना रुख बदलकर स्पेन अमेरिकी सैन्य बलों की मदद करने के लिए राजी हो गया है। स्पेन के सैन्य अड्डों का इस्तेमाल करने की अनुमति अमेरिका को दी गई है। उनका दावा है कि ट्रंप की चेतावनी सुनने के बाद ही पश्चिम एशिया में अमेरिका के सैन्य अभियान में शामिल होने के लिए स्पेन राजी हुआ है। अमेरिकी सेना स्पेन की सेना के साथ संपर्क कर रही है, यह भी पत्रकार सम्मेलन में लेविट ने बताया।
हालांकि इस दावे को सीधे खारिज कर दिया स्पेन के विदेश मंत्री ने। उन्होंने बताया कि प्रेस ब्रीफिंग में लेविट वास्तव में क्या कहना चाहती थीं, इसके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।
स्पेन के रेडियो चैनल कादेना सार को दिए साक्षात्कार में अल्बारेस ने कहा कि व्हाइट हाउस की प्रवक्ता की बात का मैं खंडन करता हूं। पश्चिम एशिया का युद्ध, ईरान पर बमबारी और हमारे अड्डों के इस्तेमाल के मामले में स्पेन सरकार की स्थिति में जरा भी बदलाव नहीं आया है।’ इजरायल और अमेरिका जिस तरह ईरान में अभियान चला रहे हैं, उसका भी स्पेन ने विरोध किया है।
इधर, यह रुख अपनाने के लिए स्पेन की प्रशंसा की है ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने।
दूसरी ओर ईरान में अभियान को लेकर ट्रंप के फैसले का समर्थन अमेरिका के निवासी करते हैं, ऐसा भी दावा व्हाइट हाउस की प्रवक्ता ने किया है।