नाबिउरः तमिलनाडु के नांबिउर के पास अयानकट्टू थोट्टम इलाके में मंगलवार को एक मां के अदम्य साहस की मिसाल देखने को मिली। अपनी बेटी को कुएं में गिरते देख 55 वर्षीय मां मुथुमणि ने बिना एक पल गंवाए गहरे कुएं में छलांग लगा दी और अपनी दिव्यांग बेटी की जान बचाने की कोशिश में जुट गईं।
मिली जानकारी के अनुसार, उंजपलायम की रहने वाली 27 वर्षीय सुंदरी उर्फ दिव्या अचानक कुएं में कूद गई। बताया जा रहा है कि दिव्या दिव्यांग है और उसका लंबे समय से इलाज चल रहा है। बेटी को पानी में डूबते देख मां मुथुमणि ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत कुएं में छलांग लगा दी।
कुएं के ठंडे पानी में उतरने के बाद भी मुथुमणि ने हिम्मत नहीं हारी। एक हाथ से बेटी को मजबूती से पकड़े रखा और दूसरे हाथ से किसी तरह रस्सी थामकर खुद को संभाले रखने की कोशिश करती रहीं।
कुएं के भीतर से मदद के लिए उठती आवाजें सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत कडातुर पुलिस और नांबिउर फायर डिपार्टमेंट को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल पर पहुंची और रस्सियों तथा विशेष सुरक्षा उपकरणों की मदद से कुएं में उतरकर बचाव अभियान शुरू किया।
काफी मशक्कत के बाद फायरमैन ने मां और बेटी दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। जैसे ही दोनों को सकुशल बाहर लाया गया, वहां मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली और मां के साहस की जमकर सराहना की।
स्थानीय लोगों से लेकर पुलिस अधिकारियों तक, सभी ने मुथुमणि के साहस को सलाम किया। वहीं फायर डिपार्टमेंट की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि दिव्या ने कुएं में छलांग क्यों लगाई।