🔔 ताज़ा ख़बरें सबसे पहले!

Samachar EiSamay की ब्रेकिंग न्यूज़, राजनीति, खेल, मनोरंजन और बिज़नेस अपडेट अब सीधे आपके पास।

डॉक्टर या हॉस्पिटल जाने से डर लगता है? डॉक्टर ‘ओपन एयर चैंबर’ लेकर हाजिर

बेहाला के मनमोहन पार्क में रहने वाले डॉक्टर निलय मजूमदार, घर-घर जाकर इलाज करने के लिए मोहल्लों में पहुंच रहे हैं।

By देबाशीष दास, Posted by: श्वेता सिंह

Mar 03, 2026 18:06 IST

कोलकाताः बीमार होने पर भी, बहुत से लोग डर या परेशानी की वजह से डॉक्टर के चैंबर और हॉस्पिटल जाने से बचते हैं। हालांकि, उनमें से कुछ को ब्लड प्रेशर की समस्या हो सकती है, तो कुछ को शुगर, कोलेस्ट्रॉल या यूरिक एसिड की समस्या हो सकती है। उन्हें गैस, सीने में जलन, सर्दी-खांसी होती है। अक्सर लोग जान-पहचान वालों या दुकानों से दवाएं खरीदते हैं। ऐसे लोगों का डर और परेशानी कम करने के लिए, बेहाला के मनमोहन पार्क में रहने वाले डॉक्टर निलय मजूमदार, घर-घर जाकर इलाज करने के लिए मोहल्लों में पहुंच रहे हैं। ‘ओपन एयर चैंबर’ के नाम पर, निलय कभी क्लब ग्राउंड तो कभी दुर्गा पूजा मंडप। यहां तक कि कई बार पेड़ों के नीचे और कभी-कभी सड़क किनारे बिना किसी फीस के मरीजों के लिए दवाएं लिखते हैं। वह जहां तक हो सके मुफ्त में दवाएं भी देते हैं। न सिर्फ घबराए हुए लोग, बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को भी बहुत फायदा हो रहा है।

निलय ने यह पहल महामारी के दौरान शुरू की थी। डॉक्टर का कहना है कि उन्होंने पिछले कुछ सालों में पंद्रह हजार से ज्यादा मरीज देखे हैं। वे अब तक भानगढ़, कुलपी के ईंट भट्टे से लेकर बेहाला-टैलीगंज तक अलग-अलग मोहल्लों में 350 कैंप लगा चुके हैं। हर कैंप में औसतन कम से कम 50 मरीज आए हैं। निलय के शब्दों में, "कई डॉक्टर पैसे के पीछे भागते हैं। अगर वे हफ्ते में एक दिन भी यह काम करें, तो इससे बहुतों को फायदा होगा।" MBBS पूरा करने के बाद, वे कोलकाता के एक सरकारी अस्पताल में MD कर रहे हैं। उन्होंने लंबे समय तक एक प्राइवेट बिजली सप्लाई कंपनी में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर भी काम किया।

कोलकाता म्युनिसिपैलिटी के चीफ हेल्थ एडवाइजर, डॉक्टर तपन कुमार मुखर्जी, पब्लिक हेल्थ सर्विसेज में निलय की इस पहल को बहुत अहम मानते हैं। उनके शब्दों में, "पब्लिक हेल्थ का मुख्य मंत्र है बीमारियों का जल्दी पता लगाकर इलाज देना। उस डॉक्टर की पहल जरूर तारीफ के काबिल है।" हालांकि, तपन ने एक समस्या भी बतायी। उन्होंने कहा कि , "ऐसी पहल में दिक्कत कंटिन्यूटी बनाए रखना है। नगर पालिका उन इलाकों के मरीजों के बारे में जानकारी देकर कंटिन्यूटी बनाए रखने में उनकी मदद कर सकती है, जहां उन्होंने मरीज देखे हैं।"

हालांकि कोरोना के बाद से आज तक निलय बिना रुके अपना काम किये जा रहे हैं। उनका कहना है कि आम लोगों में डॉक्टरों के चैंबर या अस्पतालों का डर दूर करने की यह पहल मेरी मेडिकल जिंदगी की चुनौतियों में से एक है।

Prev Article
महंगाई के दौर में कालना अस्पताल गेट पर सस्ती थाली, लोगों के चेहरे पर मुस्कान

Articles you may like: