वाशिंगटनः मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका-इज़राइल के बीच युद्ध लगातार तेज हो रहा है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यह कहकर चिन्ता बढ़ा दी है कि अमेरिका के पास ईरान के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को घोषित चार-पांच हफ्तों से भी अधिक समय तक जारी रखने की क्षमता है।
मालूम हो कि शनिवार को ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद से अमेरिका और इज़राइल लगातार हमले कर रहे हैं। मंगलवार तड़के तक तेहरान में रात भर विस्फोटों की आवाजें सुनाई देती रहीं। ईरान और उसके सहयोगियों ने इज़राइल, पड़ोसी खाड़ी देशों और तेल-गैस उत्पादन से जुड़े अहम ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि यह संघर्ष लंबा खिंच सकता है। अमेरिका और इज़राइल युद्ध के अंतिम उद्देश्य को लेकर अलग-अलग संकेत दे रहे हैं।
नेतन्याहू का दावा और उपग्रह तस्वीरों का विश्लेषण
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज के कार्यक्रम “हैनिटी” में कहा कि ईरान नए ठिकाने बना रहा था, जिससे उसका बैलिस्टिक मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम कुछ ही महीनों में सुरक्षित और अजेय हो जाता। हालांकि उन्होंने इसके समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। एसोसिएटेड प्रेस द्वारा देखी गई उपग्रह तस्वीरों में युद्ध से पहले ईरान के दो परमाणु स्थलों पर सीमित गतिविधि दिखाई दी। विश्लेषकों का मानना है कि तेहरान जून में अमेरिकी हमलों से हुए नुकसान का आकलन कर रहा था और जो ढांचा बचा था, उसे सुरक्षित करने की कोशिश कर रहा था।