तेल अवीव/बेरूत: इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने सोमवार रात बेरूत में किए गए एक सटीक हमले में हिज्बुल्लाह के खुफिया मुख्यालय के प्रमुख हसन मकलाद को मार गिराने की पुष्टि की है। IDF ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर जारी बयान में कहा कि मकलाद आतंक संगठन हिज्बुल्लाह के इंटेलिजेंस हेडक्वार्टर का नेतृत्व कर रहा था और उसे एक “प्रिसाइज स्ट्राइक” में निशाना बनाया गया। सेना ने कहा कि इस ऑपरेशन से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी बाद में साझा की जाएगी।
रातभर चले जवाबी हमले, कई ठिकानों पर कार्रवाई
यह कार्रवाई उस समय हुई जब IDF ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के कई ठिकानों पर रातभर जवाबी हमले किए। IDF के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता लेफ्टिनेंट कर्नल नदव शोशानी ने एक वीडियो बयान में कहा कि इजराइली सेना ने कमांड और कंट्रोल सेंटर, लॉन्च साइट्स और संगठन के वरिष्ठ आतंकियों को निशाना बनाया। उन्होंने कहा, “रातभर IDF ने लेबनान में हिज्बुल्लाह के कई लक्ष्यों पर जवाबी हमले किए। हम इसके लिए तैयार थे।”
शोशानी ने बताया कि ईरान में चल रहे ऑपरेशन की तैयारी के तहत इजराइल ने हिज्बुल्लाह की संभावित कार्रवाई की आशंका पहले से ही जताई थी, जिसके चलते त्वरित जवाब संभव हो सका।
ईरान में भी जारी हमले, तेहरान तक कार्रवाई
IDF के अनुसार, लेबनान के साथ-साथ ईरान में भी हमले जारी हैं। शोशानी ने कहा कि इजराइली विमान तेहरान समेत कई ठिकानों पर हमले कर रहे हैं और “आतंकी शासन” के भूमिगत बंकरों को निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम अपने नागरिकों के खिलाफ किसी भी खतरे को समाप्त करने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं और इसे जारी रखेंगे।” हिज्बुल्लाह को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि यह संगठन ऐसी लड़ाई में उतर रहा है जिसे वह जीत नहीं सकता।
पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता संघर्ष
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, पश्चिम एशिया में तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिका-इजराइल के संयुक्त सैन्य हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और उनके परिवार की मौत की खबर आई। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ड्रोन और मिसाइलों से क्षेत्र के कई अरब देशों को निशाना बनाया।
इजराइली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दक्षिणी लेबनान और बेरूत के दहियाह इलाके में रातभर चले हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत और 149 लोग घायल हुए हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह आंकड़े जारी किए हैं, हालांकि इनमें नागरिकों और हिज्बुल्लाह सदस्यों के बीच कोई स्पष्ट अंतर नहीं किया गया है।
हिज्बुल्लाह के गढ़ दहियाह और दक्षिणी लेबनान
पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र को व्यापक अस्थिरता की ओर धकेल दिया है। इजराइल की ओर से एक साथ लेबनान और ईरान में की जा रही सैन्य कार्रवाई और ईरान की जवाबी रणनीति ने संघर्ष को और जटिल बना दिया है।