पश्चिम एशिया में इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब महायुद्ध बन चुका है। पिछले 3 दिनों में दावा किया जा रहा है कि इस महायुद्ध में सिर्फ ईरान में ही 555 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा लेबनान में 31 से ज्यादा और इजरायल में भी 9 लोगों की मौत हो चुकी है।
ईरान के सर्वोच्य नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई समेत रक्षा मंत्री और वहां के सेना प्रधान की मौत शनिवार को ही हो गयी थी। लेकिन क्या आप जानते हैं कि वो कौन से हथियार हैं, जिनका इस्तेमाल कर इस घातक युद्ध में सटीक निशाना लगाया जा रहा है?
आइए एक नजर उन पर भी डाल लेते हैं -
NDTV इंडिया की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार इस संघर्ष में दोनों ओर से मिसाइल्स के अलावा स्टेल्थ फाइटर जेट और गाइडेड हथियारों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
जिन हथियारों का अमेरिका-इजरायल कर रहे हैं इस्तेमाल -
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार अमेरिका इस युद्ध में टॉमहॉक क्रूज मिसाइल का इस्तेमाल कर रहा है। यह युद्धपोत और पनडुब्बियों से दागी जाने वाली एक मिसाइल है, जो नीची उड़ान भरती है। दावा किया जाता है कि यह 1600 किलोमीटर की दूरी तक बिल्कुल सटीक निशाना लगा सकती है।
इसके साथ ही दुनिया का सबसे एडवांस लड़ाकू विमान होने का दावा किए जाने वाले F-35I अदिर स्टेल्थ फाइटर का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। दावा किया जाता है कि यह रडार की पकड़ में आए बगैर ही हमला कर सकता है। इस विमान की एक खूबी यह भी बतायी जाती है कि यह दुश्मन के एयर डिफेंस को जाम करने की क्षमता रखता है।
F-15I Ra'am स्ट्राइक फाइटर इजरायल का एक हेवी लिफ्टर फाइटर माना जाता है। मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि यह विमान लंबी दूरी तक भारी मात्रा में बम और मिसाइलों को लेकर जा सकता है। इस विमान की खासियत यह भी है कि यह हवा और जमीन दोनों पर समान रूप से बमबारी कर सकता है।
SPICE गाइडेड बम एक ऐसी तकनीक है जो साधारण बमों को स्मार्ट बमों में बदल देती है। यह बिना जीपीएस के ही टारगेट की फोटो को पहचानकर उसे मार गिराने में सक्षम है।
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान को सबसे ज्यादा GBU-28 बंकर बस्टर बम से खतरा रहा है। बताया जाता है कि यह बम जमीन में कई फीट नीचे घुसकर धमाका करने में सक्षम है।
Eitan स्ट्राइक ड्रोन इजरायल का एक विशालकाय ड्रोन है। बताया जाता है कि यह लगभग 40,000 फीट ऊपर उड़कर निगरानी करने में ही नहीं बल्कि सटीक हमला करने में भी सक्षम है। इस सैटेलाइट से ऑपरेट किया जाता है।
इसके अलावा इजरायल इस संघर्ष में डिलाइला (Delilah) क्रूज मिसाइल का भी इस्तेमाल कर रहा है। इस मिसाइल की सबसे बड़ी खूबी के बारे में दावा किया जाता है कि इसे दागने के बाद भी पायलट नियंत्रित कर सकता है। अगर निशाना स्पष्ट न हो तो यह हवा में काफी देर तक चक्कर भी लगा सकती है। बताया जाता है कि इस मिसाइल की मारक क्षमता करीब 250 किलोमीटर तक होती है। अत्याधुनिक कैमरे से पायलट को लाइव वीडियो भी दिखाई देता है।
जिन मिसाइलों का इस्तेमाल ईरान कर रहा है -
मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जाता रहा है कि ईरान के पास पश्चिम एशिया में मिसाइलों का सबसे विशाल भंडार है। इजरायल और अमेरिका के खिलाफ ईरान अपने इस भंडार का खुलकर उपयोग कर रहा है।
मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि इस संघर्ष में अब तक जिन घातक हथियारों की जानकारी मिली है उनमें शामिल है शहाब-3 मिसाइल। यह मिसाइल लगभग 2 हजार किलोमीटर की रेंज में प्रहार करने की क्षमता रखता है।
इमाद मिसाइल एक बैलिस्टिक मिसाइल है। दावा किया जाता है कि इसे हवा में नियंत्रित भी किया जा सकता है। यह मिसाइल अपनी सटीकता की वजह से बेहद घातक माना जाता है।
गदर मिसाइल, यह शहाब -3 का ही एडवांस्ड रूप माना जाता है। बताया जाता है कि इस मिसाइल में लगभग 750 किलोग्राम तक विस्फोटक को लोड किया जा सकता है।
(विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के आधार पर)