तेहरानः रविवार रात तेहरान स्थित गांधी अस्पताल पर इज़राइल ने हवाई हमला किया। इस हमले की पुष्टि ईरान सरकार ने की है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एयर स्ट्राइक में अस्पताल का एक हिस्सा पूरी तरह ढह गया। मरीजों को तुरंत दूसरे स्थानों पर ले जाया गया है। जानकारों को आशंका है कि इस हमले में बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो सकती है, हालांकि अब तक हताहतों की आधिकारिक संख्या सामने नहीं आई है।
तेहरान में रहने वाले भारतीयों के इलाज के लिए 1960 में इस अस्पताल की स्थापना की गई थी। इसका नाम महात्मा गांधी के नाम पर रखा गया था। राजधानी में यह अस्पताल भारत-ईरान मित्रता का प्रतीक माना जाता था। बाद में इसे आम ईरानी नागरिकों के लिए भी खोल दिया गया और समय के साथ यह एक आधुनिक चिकित्सा केंद्र बन गया।
रविवार रात अचानक जोरदार धमाके के साथ अस्पताल पर मिसाइल आ गिरी। भीषण विस्फोट हुआ और चारों ओर काला धुआं फैल गया। उस समय अस्पताल में कई मरीज भर्ती थे। कई लोग मलबे के नीचे दब गए। ईरान की समाचार एजेंसियों फर्स और मिजान ने कुछ वीडियो जारी किए हैं, जिनमें अस्पताल के फर्श पर खून फैला हुआ दिखाई दे रहा है। एक व्हीलचेयर के पास कई शव पड़े नजर आ रहे हैं।
ईरान की सेना ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। गांधी स्ट्रीट इलाके के दो प्रत्यक्षदर्शियों ने रॉयटर्स को बताया कि अस्पताल को भारी नुकसान हुआ है और मरीजों को बाहर निकाला जा रहा है। ईरानी समाचार एजेंसी ISNA ने दावा किया है कि अस्पताल पर इज़राइल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से हवाई हमला किया, लेकिन इस संबंध में इज़राइल की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं आया है।
अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई और शीर्ष सैन्य अधिकारियों की मौत के बाद पश्चिम एशिया में तनाव चरम पर है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले शुरू कर दिए हैं। वहीं इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट कहा है कि “यह अभियान जितने समय तक आवश्यक होगा, जारी रहेगा।”