तेहरानः रविवार शाम होते ही पश्चिम एशिया के आसमान में फिर से रॉकेट, मिसाइल और युद्धक विमानों की गड़गड़ाहट शुरू हो गई। समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात के आर्थिक केंद्र दुबई और राजधानी अबू धाबी में लगातार भीषण विस्फोटों की आवाज़ सुनी गई। अयातुल्लाह अली ख़ामेनेई की हत्या का बदला लेने के लिए ईरान ने ही यह हमला किया, यह लगभग स्पष्ट है।
दुबई अबू धाबी में सिलसिलेवार धमाके
समाचार एजेंसी एएफपी के अनुसार दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के मुख्य टर्मिनल भवन के एक हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा है। भीषण आग की तस्वीरें सामने आई हैं। इस घटना में चार कर्मचारी घायल हुए हैं।
वहीं अबू धाबी हवाई अड्डे पर ईरान के ड्रोन हमले में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है और सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
डूब रहा तेल टैंकर
केवल शहरी इलाकों में ही नहीं, बल्कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य में भी ईरान ने हमला किया है। ईरान का दावा है कि उसके हमले से एक तेल टैंकर को भारी क्षति पहुंची है और वह समुद्र में डूब रहा है।
ईरान के सरकारी टीवी चैनल ने घटना का फुटेज जारी किया है, जिसमें टैंकर में भीषण आग जलती दिखाई दे रही है।
उल्लेखनीय है कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से दुनिया का लगभग एक-चौथाई कच्चा तेल और एक-पांचवां तरल प्राकृतिक गैस परिवाहित होती है। इस हमले से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाज़ार में बड़ा संकट उत्पन्न होने की आशंका है।
साइप्रस की ओर मिसाइल
युद्ध की आंच पश्चिम एशिया से बाहर भी फैलती दिख रही है। ब्रिटेन के रक्षा सचिव जॉन हीली ने दावा किया है कि ईरान ने साइप्रस स्थित ब्रिटिश सैन्य अड्डे को निशाना बनाकर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
हालांकि इस हमले से बड़ा नुकसान नहीं हुआ, लेकिन पश्चिम एशिया में अमेरिकी और इज़राइली ठिकानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का माहौल बन गया है।
कुवैत में भी ड्रोन हमले में हवाई अड्डे पर कई लोगों के घायल होने की खबर है। दोहा और मनामा में भी विस्फोट के सायरन बजे हैं। कुल मिलाकर पूरे पश्चिम एशिया में भारी तनाव की स्थिति बनी हुई है।