तेहरानः ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु के बाद पूरा पश्चिम एशिया मानो ज्वालामुखी की तरह फट पड़ा है। प्रतिशोध की आग में ईरान का इस्लामी शासन पक्ष सुलग रहा है। सऊदी अरब, बहरीन, जॉर्डन, कतर, कुवैत- पश्चिम एशिया के लगभग सभी देशों में तेहरान ने हमले किए हैं।
इसी के साथ अमेरिका की चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन पर भीषण मिसाइल हमला किया।
इज़राइल के बेइत शेमेश क्षेत्र में भी ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल गिरने से कई लोग हताहत हुए हैं।
अमेरिकी युद्धपोत और नौसैनिक अड्डे पर हमला
तेहरान का दावा है कि कम से कम चार बैलिस्टिक मिसाइलों ने अमेरिकी युद्धपोत को निशाना बनाया। ईरान का यह भी कहना है कि इस हमले में कई अमेरिकी सैनिक मारे गए। हालांकि वॉशिंगटन ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा है कि ईरानी मिसाइलें उनके युद्धपोत के पास तक भी नहीं पहुंचीं।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह भी दावा किया है कि कुवैत स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डे को भी निशाना बनाया गया। वहां भी ‘बड़ी संख्या’ में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है।
इसके अलावा कुवैत अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास ड्रोन हमले में कई सैनिक और हवाई अड्डे के कर्मचारी घायल हुए हैं।
इज़राइल में मौत और तबाही
इज़राइल के बेइत शेमेश इलाके में ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल गिरने से कम से कम 9 लोगों की मौत और 20 से अधिक लोग घायल हुए हैं। मिसाइल हमले से कम से कम चार बहुमंजिला इमारतें ध्वस्त हो गईं।
रिपोर्टों के अनुसार मिसाइल एक शेल्टर हाउस को भेदते हुए अंदर घुसी और भारी तबाही मचाई। इस हमले में कई बच्चों की भी मौत हुई है।
तेहरान के इस नए हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि ईरान की ओर से कोई और हमला किया गया तो उसका जवाब ऐसी ‘ताकत’ से दिया जाएगा, जिसे दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा।