पुणे : पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के कारण हवाई क्षेत्र बंद होने से पुणे स्थित इंदिरा यूनिवर्सिटी के 84 एमबीए छात्र दुबई से वापस नहीं लौट सके। संस्थान के स्कूल ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी के डीन जनार्दन पवार ने रविवार को यह जानकारी दी।
उन्होंने आश्वस्त किया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के अभिभावकों से निरंतर संपर्क में है और उन्हें शीघ्र भारत वापस लाने के लिए विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय किया जा रहा है।
शैक्षणिक संस्थान ने बताया कि ये छात्र शैक्षणिक अध्ययन भ्रमण (एकेडमिक एक्सपोजर ट्रिप) पर दुबई गए थे। वर्तमान में वे सुरक्षित हैं और स्थानीय होटलों में ठहराए गए हैं।
डीन जनार्दन पवार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हम अपने वैश्विक कार्यक्रम के तहत हर वर्ष छात्रों को शैक्षणिक अनुभव के लिए विदेश भेजते हैं। इस वर्ष कुल 84 छात्र दो चरणों में गए हैं। हमने विदेश मंत्रालय से अनुरोध किया है और छात्रों के अभिभावकों से लगातार संपर्क में हैं। छात्र होटल में सुरक्षित हैं और हम उन्हें हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि वे शीघ्र भारत लौट आएंगे।
एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार यह घटनाक्रम शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर संयुक्त हमले के बाद सामने आया। इस हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मृत्यु की खबर है। तेहरान सहित कई प्रमुख शहरों में बड़े विस्फोटों की सूचना मिली।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ये हमले यह सुनिश्चित करने के लिए किए गए कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके। इसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और सहयोगियों पर बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन से हमला किया। इजरायल, बहरीन, कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन को निशाना बनाए जाने की खबर है। रविवार को इजरायल ने कहा कि उसने तेहरान के केंद्र पर ताज़ हमले किए हैं।
इस बीच अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार एक ईरानी ड्रोन के दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से टकराने के कारण चार लोग घायल हो गए। यात्री टर्मिनल के भीतर क्षति की सूचना है। दुबई एयरपोर्ट्स के मीडिया कार्यालय के हवाले से बताया गया कि आपातकालीन टीमें तुरंत संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय में सक्रिय हो गईं।
सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार ईरान के कई शहरों में जश्न मनाए जाने की खबरें हैं। सड़कों पर सीटी बजाने, जयकारे लगाने और “इस्लामिक रिपब्लिक मुर्दाबाद” तथा “शाह जिंदाबाद” जैसे नारे सुनाई दिए। फॉक्स न्यूज ने कराज (ईरान) के उपनगर बेसात टाउन में लोगों के जश्न मनाने का वीडियो साझा किया।
इजरायल के पूर्व प्रवक्ता एलोन ए. लेवी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि ईरानी महिलाएं बिना सिर ढके सड़कों पर नृत्य कर रही हैं।
ईरानी कार्यकर्ता और पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने भी एक वीडियो साझा करते हुए लिखा कि ईरान के भीतर लोगों के जश्न का यह वीडियो, क्या मैं सपना देख रही हूं? नमस्ते, नई दुनिया।