भोपाल: सेवाधाम अंकित आश्रम में 17 विशेष रूप से सक्षम (दिव्यांग) बच्चों की मौत के मामले से हड़कंप मच गया है। मामला सामने आते ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के इंदौर पीठ ने स्वतः संज्ञान लेते हुए हस्तक्षेप किया है। अदालत ने राज्य सरकार से दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
राज्य के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग के आयुक्त, उज्जैन के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, जिला बाल एवं महिला कल्याण अधिकारी तथा सेवाधाम आश्रम के अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है।
चड़क भवन अस्पताल के डॉक्टर चिन्मय चिंचोलेकर ने बताया कि इलाज के लिए लाए गए बच्चों की शारीरिक स्थिति अत्यंत खराब थी। उनके अनुसार कई बच्चों को मृत अवस्था में अस्पताल लाया गया, कुछ की हालत गंभीर थी और कुछ की इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर अधिकांश मौतों के पीछे गंभीर एनीमिया की आशंका जताई जा रही है।
सूत्रों के अनुसार 25 दिसंबर 2025 को इंदौर के युगपुरुष आश्रम से 86 विशेष रूप से सक्षम बच्चों को सेवाधाम अंकित आश्रम में स्थानांतरित किया गया था। उज्जैन शहर से लगभग 22 किलोमीटर दूर स्थित इस आश्रम में पिछले 14 महीनों में इन 86 बच्चों में से 17 की मृत्यु हो गई। मृतकों की उम्र 10 से 18 वर्ष के बीच बताई गई है। मामला सामने आते ही पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। लगातार हो रही मौतों पर चिंता व्यक्त करते हुए हाईकोर्ट ने स्वतः जनहित याचिका दर्ज की है।
इस बीच इंदौर के युगपुरुष आश्रम में भी 10 बच्चों की मौत के आरोप लगे हैं। वहां 60 बच्चे बीमार पड़ गए थे। वर्ष 2025 में हुई इन मौतों के समय इंदौर के जिलाधिकारी आशीष सिंह थे। उनका दावा है कि 86 बच्चों को सेवाधाम आश्रम में स्थानांतरित करने का निर्देश उन्होंने ही दिया था। यह निर्णय भी अब जांच के दायरे में है।