भुवनेश्वर: ओडिशा में राज्यसभा की चार सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। चुनाव आयोग ने 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान की घोषणा की है, जिनमें ओडिशा की चार सीटें भी शामिल हैं। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 4 मार्च तय की गई है। मतदान और मतगणना एक ही दिन संपन्न होगी।
राज्य में राजनीतिक दल उम्मीदवारों के चयन और रणनीति को लेकर लगातार बैठकों का दौर चला रहे हैं। तीन सीटों के परिणाम लगभग तय माने जा रहे हैं, लेकिन चौथी सीट को लेकर असमंजस और सियासी हलचल बढ़ गई है। यही सीट मौजूदा चुनाव का सबसे दिलचस्प और संवेदनशील पहलू बन गई है।
विधानसभा का गणित क्या कहता है?
147 सदस्यीय ओडिशा विधानसभा में राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 30 प्रथम वरीयता मतों की जरूरत होती है। मौजूदा संख्या बल के अनुसार भारतीय जनता पार्टी के पास 79 विधायक हैं। तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिलने से पार्टी का आंकड़ा 82 तक पहुंचता है। इस आधार पर भाजपा दो सीटें सुरक्षित कर सकती है, लेकिन तीसरी सीट के लिए उसे आठ अतिरिक्त मतों की जरूरत पड़ेगी।
बीजू जनता दल के पास दो विधायकों के निलंबन के बाद 48 सदस्य हैं। वह एक सीट जीतने की स्थिति में है, लेकिन दूसरी सीट के लिए उसे 12 अतिरिक्त मतों की आवश्यकता होगी। कांग्रेस के 14 और सीपीआई(एम) के एक विधायक की उपस्थिति चौथी सीट की गणित को और जटिल बनाती है।
सूत्रों के अनुसार भाजपा तीन उम्मीदवार उतारने का संकेत दे रही है, जबकि बीजद द्वारा छह नामांकन फॉर्म खरीदे जाने से यह संकेत मिलता है कि वह भी विकल्प खुले रखना चाहती है। ऐसे में चौथी सीट पर समर्थन जुटाने की रणनीति अहम साबित होगी।
कांग्रेस ने जताई ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ की आशंका
ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष भक्त चरण दास ने चौथी सीट को लेकर संभावित ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ की आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में विधायकों की खरीद-फरोख्त की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा जरूरी है। दास पार्टी नेतृत्व से चर्चा के लिए दिल्ली जा रहे हैं और संभावित नामों पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट हैं और किसी प्रकार के दलबदल की संभावना नहीं है।
कांग्रेस ने बीजद से अपील की है कि दोनों दल मिलकर किसी प्रतिष्ठित ओडिया निर्दलीय उम्मीदवार को समर्थन देने पर विचार करें, ताकि अनावश्यक राजनीतिक लेन-देन की स्थिति न बने। दास ने बीजद अध्यक्ष नवीन पटनायक से मुलाकात का समय भी मांगा है।
दूसरी ओर, भाजपा के ओडिशा प्रभारी विजय पाल सिंह तोमर ने दावा किया है कि पार्टी अधिकतम सीटें जीतने में सफल रहेगी। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात की है, जिसे संगठनात्मक चर्चा बताया गया है। हालांकि संभावित उम्मीदवारी को लेकर अटकलें भी जारी हैं।
बीजद नेतृत्व ने भी विधायकों के साथ बैठक कर रणनीति पर चर्चा की है और कहा है कि अंतिम निर्णय अध्यक्ष नवीन पटनायक के नेतृत्व में लिया जाएगा। सभी की निगाहें अब 16 मार्च पर टिकी हैं, जब यह स्पष्ट होगा कि चौथी सीट पर किसकी रणनीति सफल होती है।