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अल्लाह से दुआ कर रहे हैं: ईरान में फंसे बेटे की सलामती के लिए लखनऊ में पिता परेशान

शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के बाद वहां नेटवर्क बाधित हो गया है, जिससे उन्हें अपने बेटे से संपर्क करने में कठिनाई हो रही है।

By राखी मल्लिक

Mar 01, 2026 17:10 IST

लखनऊ : लखनऊ के निवासी आमिर अब्बास जैदी ने रविवार को अपने बेटे की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। उनका बेटा ईरान में आठ दिन पहले हुई ओपन-हार्ट सर्जरी के बाद स्वस्थ हो रहा है।

आमिर अब्बास ज़ैदी ने एएनआई से बातचीत में बताया कि शनिवार को अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमलों के बाद वहां नेटवर्क बाधित हो गया है, जिससे उन्हें अपने बेटे की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है।

उन्होंने कहा कि मेरे बेटे की ईरान में आठ दिन पहले ओपन-हार्ट सर्जरी हुई है। मैंने उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन वहां नेटवर्क बंद है, इसलिए बात नहीं हो सकी। कल रात मेरी उससे बात हुई थी। उसने बताया कि वहां की स्थिति ठीक नहीं है। हम अल्लाह से दुआ कर रहे हैं कि वह सुरक्षित रहे।

इस बीच तेहरान स्थित भारतीय दूतावास ने बिगड़ती सुरक्षा स्थिति देखकर सभी भारतीय नागरिकों, छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यवसायियों और पर्यटकों को उपलब्ध वाणिज्यिक उड़ानों या अन्य साधनों से तत्काल ईरान छोड़ने की सलाह दी है।

इजरायली वायुसेना ने दावा किया है कि उसके लड़ाकू विमानों ने ईरान में सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिसमें ईरान के सात वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों की मौत हुई है। इनमें अली शमखानी और मोहम्मद पकपौर सहित अन्य अधिकारी शामिल बताए गए हैं।

इजरायली वायुसेना ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि उनके लड़ाकू विमानों ने ईरान के सैन्य लक्ष्यों पर सटीक हमला किया और सात वरिष्ठ अधिकारियों को निष्क्रिय किया। एएनआई की रिपोर्ट के अनुसार वायुसेना ने यह भी बताया कि हाल ही में ईरान की ओर से इजरायल पर मिसाइलें दागी गईं।

ईरान में आयतुल्लाह अली खामेनेई के निधन के बाद 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक मनाया जा रहा है। देशभर में शोक और विरोध प्रदर्शन की खबरें हैं। सर्वोच्च नेता के कार्यालय ने राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। जिसके तहत झंडे आधे झुके हुए हैं और श्रद्धांजलि सभाओं का आयोजन किया जा रहा है।

खामेनेई ने 1989 से पश्चिमी प्रभाव के खिलाफ सख्त रुख के साथ ईरान का नेतृत्व किया था।

देश में विशेषकर तेहरान जैसे बड़े शहरों में, सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि किसी प्रकार की अशांति को रोका जा सके और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अब ध्यान खामेनेई के उत्तराधिकारी के चयन पर केंद्रित है, जिसे लेकर संभावित उम्मीदवारों और ईरान के भविष्य के नेतृत्व पर अटकलें लगाई जा रही हैं।

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