जयपुरः राजस्थान की पावन तीर्थनगरी पुष्कर में इस बार होली (Pushkar Holi 2026) का नजारा पहले जैसा नहीं होगा। हाल ही में 23 से 25 फरवरी तक पुष्कर की धरा पर हनुमान कथा का वाचन करने वाले धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बागेश्वर धाम) की नसीहत ने पूरे शहर में एक नई बहस छेड़ दी है। बाबा ने कथा के दौरान दो-टूक कहा था कि विदेशी सैलानी यहां 'श्रद्धालु' बनकर आएं, न कि नशे और अश्लीलता फैलाने वाले पर्यटक। इसी संदेश को ढाल बनाकर अब श्री तीर्थ गुरु पुष्कर पुरोहित संघ ट्रस्ट (Pushkar Tirth Purohit Sangh) ने तीर्थ की मर्यादा बचाने के लिए कमर कस ली है।
वो 'नाराजगी' जिसने बदल दी पुष्कर की फिजा
कथा के दौरान बागेश्वर बाबा ने पुष्कर में हो रही शराब पार्टियों और अनैतिक गतिविधियों पर गहरी चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि प्रमुख तीर्थ स्थल की पवित्र छवि को नशे और रेव पार्टियों के जरिए धूमिल किया जा रहा है। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के इस 'स्पिरिचुअल अलर्ट' के बाद 1 मार्च को पुरोहित समाज ने एकजुट होकर उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है. पुरोहितों का साफ कहना है कि बाहरी तत्वों द्वारा आयोजित किए जाने वाले हुड़दंग और नशे के व्यापार को इस बार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस होली ब्रह्म घाट पर होगा 'सद्बुद्धि यज्ञ'
तीर्थ की गरिमा को अक्षुण्ण रखने के लिए पुरोहित समाज ने एक अनूठी पहल की है। होली के खास मौके पर सुबह 11:30 बजे ब्रह्म घाट पर सद्बुद्धि यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। इस यज्ञ का मुख्य उद्देश्य यहां आने वाले पर्यटकों और स्थानीय युवाओं को नशे की लत से दूर रहने और अपनी परंपराओं का सम्मान करने के लिए प्रेरित करना है। वैद्य नाथ पाराशर और पुष्कर नारायण पाराशर जैसे प्रमुख पुरोहितों का मानना है कि आस्था के केंद्र में केवल भक्ति के रंग होने चाहिए, न कि नशाखोरी का शोर। उन्होंने डीजे पर अश्लील गाने बजने पर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है।
होटल संचालकों को मिली अंतिम चेतावनी
पुरोहितों के कड़े रुख को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। उपखंड अधिकारी और पुलिस की संयुक्त टीमों ने होटल व रिसॉर्ट संचालकों को स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि बिना अनुमति के किसी भी तरह का आयोजन या पार्टी कानूनी कार्रवाई को दावत देगी। पुलिस की विशेष टीमें सादी वर्दी में तैनात रहेंगी ताकि सांस्कृतिक पहचान को चोट पहुंचाने वाले तत्वों पर तत्काल नकेल कसी जा सके। प्रशासन ने आमजन से शांतिपूर्ण और मर्यादित होली मनाने की अपील की है।
पिछले साल 5 हजार विदेशी पर्यटकों ने पुष्कर में मनाई थी होली
राजस्थान पर्यटन विभाग के अनुसार, साल 2025 की पहली तिमाही (जनवरी से मार्च) में पूरे राजस्थान में लगभग 7.88 लाख अंतरराष्ट्रीय पर्यटक आए, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा होली के दौरान पुष्कर, जयपुर और उदयपुर में केंद्रित था। साल 2025 में होली उत्सव (जो 13-14 मार्च को था) के दौरान 5,000 से अधिक विदेशी पर्यटक आधिकारिक तौर पर पुष्कर पहुंचे थे। इनमें सबसे ज्यादा पर्यटक इजरायल, फ्रांस, जर्मनी, इटली, यूके और रूस से आए थे।