जैसे समय बीत रहा है नुकसान भी बढ़ता जा रहा है। सर्वोच्य नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि होने के बाद ही ईरान के रक्षामंत्री आमिर नासिरजादा और सशस्त्र बल के प्रमुख मेजर जनरल अब्दलरहिम मौसवी (Major General Abdolrahim Mousavi) के निधन की खबर को भी तेहरान ने स्वीकार कर लिया है।
एक के बाद एक प्रमुख नेताओं की मौत का बदला लेने की कसम ईरान खा रहा है। वहीं दूसरी ओर इजरायल और अमेरिकी ने भी हमला जारी रखा है। विदेशी मीडिया का दावा है कि अभी तक 200 से अधिक लोगों की मौत इस युद्ध में हो चुकी है। रविवार की दोपहर को इजरायल और अमेरिका ने फिर से हमला शुरू कर दिया है।
रविवार की सुबह ही खामेनेई की मौत की बात को स्वीकार करते हुए ईरान ने 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इसके बाद ईरान के रक्षामंत्री आमिर नासिरजादा की मौत की घोषणा भी ईरानी मीडिया ने कर दी। नासिरजादा खुद भी ईरान के पूर्व सैन्य अधिकारी थे।
बतौर रक्षामंत्री अपनी जिम्मेदारी संभालने से पहले वह ईरान की सेना में डेप्यूटी चीफ ऑफ स्टाफ के तौर पर काम कर चुके थे। शनिवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उनकी मौत होने का दावा किया था। लेकिन उस समय तेहरान ने इस दावे का खंडन कर दिया था।
सिर्फ खामेनेई ही नहीं बल्कि उनके करीबियों को खत्म करने के लिए भी अमेरिका और इजरायल लगातार हमला कर रहा है। अब तक ईरान के रेवल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर मोहम्मद पकपोर (IRGC commander Mohammed Pakpour) की मौत भी हो चुकी है। वह खामेनेई के आदेश पर ही 2025 में इस पद पर नियुक्त हुए थे।
रविवार की सुबह ईरान की सशस्त्र सेना के प्रमुख मेजर जनरल अब्दलरहिम मौसवी की मौत की खबर सामने आयी। रक्षा के मामले में उनकी उल्लेखनीय भूमिका रही है। ईरान में युद्ध की रणनीति बनाने में उनका कोई तोड़ नहीं था।
उस वजह से ही उन्हें कहा जाता था 'द मैन फॉर डिफिकल्ट मिशंस'। उनके पूर्वज मोहम्मद बाघेरी की हत्या के बाद ही सर्वोच्य नेता ने 2025 में उन्हें सेना के महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त किया था। इसके अलावा अंतर्राष्ट्रीय मीडिया से मिली जानकारी के अनुसार खामेनेई के सभी करीबी इस हमले में मारे जा चुके हैं। ईरान के कई प्रमुख नेताओं की मौत भी हो चुकी है।
इस सूची में सुरक्षा सलाहकार अली शमखानी (Ali Shamkhani), सालेह असदी (Saleh Asadi), मोहम्मद शिराजी (Mohammad Shirazi), हुसैन जब्बार अमेलियन (Hossein Jabbar Amelian) और रेजा मुजफ्फर निया (Reza Mozaffar-Nia) शामिल हैं। हालांकि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेस्कियान की स्थिति के बारे में अभी तक कोई जानकारी नहीं मिल सकी है।
बताया जाता है कि ईरान पर एक दिन में ही 1200 से अधिक बम बरसाए गए हैं। रविवार की सुबह ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरघचि ने भी बदले की कड़ी धमकी दी है। उनकी धमकी के बाद ही डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से बड़ा परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। उसके बाद फिर से तेहरान पर हमले की शुरुआत हो गयी है। एक के बाद एक धमाकों की आवाज से तेहरान दहल उठा है।