शनिवार को पूरे दिन इनकार करने के बावजूद तेहरान ने रविवार की सुबह देश की मीडिया में सर्वोच्य नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की बात को स्वीकार कर लिया। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि अमेरिका और इजराइल के संयुक्त पहले हमले में उनकी मौत हो गई। देश के सर्वोच्य नेता की मौत की खबर दुनिया को देते समय संचालक भी रो पड़ा।
लाइव ब्रॉडकास्ट के दौरान संचालक की आंखों में आंसू स्पष्ट दिखाई दे रहे थे। इसके साथ ही एंकर की आवाज में गुस्सा भी झलक रहा था। देश के सर्वोच्य नेता खामेनेई की मौत की घोषणा करने के बाद संचालक ने धमकी भरे लहजे में कहा, "ट्रंप को इसकी सबसे बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी।"
मिली जानकारी के अनुसार रविवार की सुबह ईरान के सरकारी चैनल पर एंकर मरियम अजारचेहर न्यूज पढ़ रही थीं। अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की खबर पढ़ते समय वह फूट-फूट कर रो पड़ीं। न सिर्फ एंकर बल्कि ईरान के सरकारी टीवी पर पर्दे के पीछे काम करने वाले कर्मचारी भी रोते हुए नजर आए। यह सीन सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो गया है।
न्यूज पढ़ते हुए एंकर ने कहा कि आज हमारे सर्वोच्य नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अमेरिका और जायोनी सरकार की संयुक्त साजिश और हमले में शहीद हो गए। आज दुनिया के शैतान जश्न में डूबे होंगे। इसके बाद उन्होंने खुद को संभाला और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह यहीं खत्म नहीं होता। ट्रंप को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। वह ऐसी कीमत चुकाएंगे जो आज तक किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने नहीं चुकाई होगी। जल्द ही बदला लिया जाएगा। ईरान इसका बदला लेगा।
अयातुल्ला अली खामेनेई साल 1989 से ईरान के सर्वोच्य नेता हैं। रूहोल्लाह खुमैनी की मौत के बाद उन्होंने राष्ट्रपति का पद छोड़ दिया और सर्वोच्य नेता का पद संभाला। उनके कार्यकाल में अमेरिका और इजराइल ने ईरान की 'इस्लामिक क्रांति' को अच्छी नजर से नहीं देखा। वह सीधी लड़ाई शनिवार को शुरू हुई। हालांकि अमेरिका को दिए जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भयानक बदले की कार्रवाई की चेतावनी दी है।
अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई बड़े नेताओं की मौत के बाद रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने एक टेलीग्राम मैसेज में चेतावनी दी है कि ईरानी राष्ट्र का बदला तब तक नहीं रुकेगा जब तक उम्माह के इमाम की हत्या का बदला नहीं लिया जाता। इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की सेना के इतिहास का सबसे भयानक हमला किसी भी पल शुरू हो सकता है। जहन्नुम के दरवाजे खुले रखो। इस चेतावनी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति के जवाब से पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ गया है।