अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद गंभीर संकट से जुझ रहे ईरान की बागडोर वरिष्ठ शिया धर्मगुरु अयातुल्ला अलीरेजा अरफी ने संभाली है। ईरान की सरकारी मीडिया ISNA से मिली जानकारी के अनुसार जब तक खामेनेई के वारिस का चुनाव नहीं हो जाता है तब तक ईरान के सर्वोच्य नेता के तौर पर अरफी ही जिम्मेदारी संभालेंगे।
3 सदस्यीय अंतरिम काउंसिल
ईरान के संविधान के मुताबिक खामेनेई की गैरमौजूदगी में देश के संचालन की जिम्मेदारी एक अंतरिम नेतृत्व काउंसिल को सौंपी जाएगी, जिसका गठन किया जाएगा। इस काउंसिल में ज्यूरिष्ट सदस्य अथवा कानून जानकार के तौर पर अरफी मौजूद रहेंगे। उनके साथ संयुक्त रूप से इस 'बदलाव वाले समय' में देश की सत्ता को राष्ट्रपति मसूद पेजेस्कियन और मुख्य न्यायाधीश गुलाम हुसैन मोहसेनी - एजेई संभालेंगे। वर्तमान में देश के तनावपूर्ण माहौल में सत्ता की पूरी जिम्मेदारी फिलहाल इन तीनों के कंधे पर ही है।
IRGC का नया प्रधान
आसमान से किए गए मिसाइल हमले में खामेनेई के साथ ही ईरान के शक्तिशाली अर्द्धसैनिक बल के IRGC के प्रमुख जनरल मोहम्मद पकपूर की भी मौत हो गयी है। रविवार को आधिकारिक तौर पर बताया गया कि पकपूर की जगह पर IRGC अहमद वाहिदी नए कमांडर इन चीफ के तौर पर नियुक्त हुए हैं।