इजराइल और अमेरिका ने ईरान के अलग-अलग शहरों पर हमले किए हैं। ईरान भी जवाबी कार्रवाई कर रहा है। इस युद्ध में ईरान के सर्वोच्य नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो चुकी है। यह खबर सामने आने के बाद ईरानी सेना में आक्रोश देखा जा रहा है। ईरान ने सर्वोच्य नेता की मौत का बदला लेने के लिए 'सबसे भयावह' हमलों की चेतावनी भी दी है।
रविवार को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने टेलीग्राम मैसेज में कहा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान की आर्म्ड फोर्सेज के इतिहास का सबसे खतरनाक आक्रमणात्मक ऑपरेशन किसी भी पल शुरू हो सकता है। उन्होंने कहा कि हमला कब्जे वाले इलाकों और इलाके में अमेरिकी बेस को लक्ष्य बनाकर किया जाएगा।
कई खाड़ी देशों में अमेरिकी बेस पर ईरान के हमलों का असर पहले ही हो चुका है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह भी कहा है कि ईरानी देश का बदला तब तक नहीं रुकेगा जब तक उम्माह के इमाम की हत्या का बदला नहीं ले लिया जाता।
इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) सामान्य सेना की तरह रक्षा मंत्रालय के अधीन नहीं है। यह सीधे देश के सर्वोच्य नेता के अधीन काम करता है। विश्लेषकों का कहना है कि साल 2003 में इराक पर हमले के बाद किसी विदेशी सरकार को हटाने के मकसद से किया गया यह पहला बड़ा अमेरिकी सैन्य ऑपरेशन है। इजराइली आर्मी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने कहा कि यह ऑपरेशन जून में ईरान के साथ 12 दिन की लड़ाई से बिल्कुल अलग स्तर का है।
ईरान, इराक, कुवैत, सीरिया, संयुक्त अरब अमीरात और इजराइल ने इस हालात को देखते हुए अपने एयरस्पेस को थोड़ा या पूरी तरह से बंद कर दिया है। कई अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को रद्द कर दिया गया है।
हमले से कुछ दिन पहले ही ट्रंप के प्रतिनिधियों ने जिनेवा में ईरान के विदेश मंत्री से मुलाकात की थी। ट्रंप ने कहा कि ईरान के परमाणु प्रोग्राम पर काफी सहमति नहीं थी लेकिन हमले के बाद उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि मकसद सिर्फ परमाणु समझौता नहीं बल्कि सरकार बदलना है।
ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि खामेनेई की बेटी, दामाद और पोती भी मारे गए। हालांकि सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के हेड अली लारीजानी बच गए और उन्होंने बदला लेने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा है कि ईरान की बहादुर सेना और लोग अंतर्राष्ट्रीय तानाशाहों को ऐसा सबक सिखाएंगे जिसे वे कभी नहीं भूलेंगे।
रविवार की सुबह भी तेहरान में धमाकों की आवाज सुनी गई। ट्रंप ने कहा कि जब तक इस्लामिक रिपब्लिक खत्म नहीं हो जाता तब तक हमले नहीं रुकेंगे। उन्होंने ईरान के सिक्योरिटी फोर्स से आत्मसमर्पण करने को कहा है। साथ ही कहा है कि यह ईरान के लोगों के लिए अपने देश को वापस पाने का मौका है। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ईरानी लोगों को दिए अपने संदेश में कहा है कि अब एकजुट होने और मौजूदा सरकार को उखाड़ फेंकने का समय आ गया है।
वही हमले के जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया के अलग-अलग हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए। अबू धाबी में दो और तेल अवीव में एक व्यक्ति के मारे जाने की खबर है। खाड़ी क्षेत्र के कई शहरों में भी धमाकों की आवाज सुनी गई।