ढेकियाजुली, असमः असम में चुनावी माहौल गरमा गया है। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सत्ता बरकरार रखने की कवायद में भाजपा सड़कों पर उतरी है। हिमंत बिस्वा सरमा (Himanta Biswa Sarma) ने शनिवार को सोनितपुर जिले के ढेकियाजुली से भाजपा की ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ को हरी झंडी दिखाई। पार्टी लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी के लक्ष्य के साथ राज्यभर में जनसंपर्क अभियान चला रही है।
यात्रा की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री ने गुप्तेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे एक खुले वाहन पर सवार होकर जुलूस का नेतृत्व करते नजर आए। उनके साथ प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप सैकिया (Dilip Saikia), केंद्रीय मंत्री पवित्रा मार्गेरिटा (Pabitra Margherita) और अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
जनता से समर्थन की अपील
यात्रा शुरू करने के साथ ही अपने संबोधन में सरमा ने कहा कि 2014 में जनता ने नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) पर भरोसा जताया और उन्हें प्रधानमंत्री चुना। 2016 में असम में पहली बार भाजपा की सरकार बनी, जिसका नेतृत्व सर्बानंदा सोनोवाल (Sarbananda Sonowal) ने किया। इसके बाद 2021 में भी राज्य की जनता ने भाजपा को समर्थन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दौरान सरकार ने राज्य के विकास और सुरक्षा के लिए पूरी क्षमता से काम किया। उन्होंने जनता से अपील की कि भाजपा को दोबारा मौका दें जिससे “विकसित और सुरक्षित असम” की यात्रा आगे बढ़ती रहे।
यात्रा में 34 विधानसभा क्षेत्र कवर करने का लक्ष्य
प्रदेश अध्यक्ष दिलीप सैकिया ने बताया कि ‘जन आशीर्वाद यात्रा’ का उद्देश्य पार्टी की उपलब्धियों, दृष्टिकोण और संगठनात्मक लक्ष्यों को जनता तक पहुंचाना है। पहले चरण में 9 मार्च तक राज्य के 34 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया जाएगा।
यात्रा प्रतिदिन लगभग 70-80 किलोमीटर का सफर तय करेगी और प्रतिदिन करीब एक लाख लोगों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। पहले दिन ढेकियाजुली के अलावा बोरसोला, तेजपुर, नादुआर और रंगापाड़ा विधानसभा क्षेत्रों में कार्यक्रम आयोजित किए गए।
जनता से जुड़ने के लिए यात्रा और सभा
राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य अशोक सिंघल (Ashok Singhal) को यात्रा का मुख्य संयोजक बनाया गया है, जबकि केंद्रीय मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिन क्षेत्रों से यात्रा नहीं गुजरेगी, वहां ‘जन आशीर्वाद सभाएं’ आयोजित की जाएंगी।
चुनावी माहौल में भाजपा की यह पहल राज्यभर में संगठन को सक्रिय करने और मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित करने की रणनीति के रूप में देखी जा रही है।