भुवनेश्वरः ओडिशा में अगले महीने होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले बीजद ने बड़ा कदम उठाया है। पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने शनिवार को दो उम्मीदवारों के नाम घोषित किए। वरिष्ठ नेता डॉ. संतृप्त मिश्रा और सामान्य उम्मीदवार डॉ. दत्तेश्वर होता को मैदान में उतारा गया है। उन्हें इन दोनों उम्मीदवारों की जीत का भरोसा है।
अनुभव और विशेषज्ञता को प्राथमिकता
डॉ. मिश्रा पार्टी के राजनीतिक सचिव हैं। हालांकि 2024 के लोकसभा चुनाव में कटक सीट हार गये थे। उनका चयन पार्टी के अनुभव और रणनीतिक नेतृत्व पर भरोसा जताता है। वहीं, डॉ. होता ओडिशा के प्रसिद्ध यूरोलॉजिस्ट और ओडिशा स्वास्थ्य विश्वविद्यालय के पहले कुलपति रह चुके हैं। बीजद ने उन्हें सामान्य उम्मीदवार घोषित कर सभी दलों से समर्थन की अपील की है।
कांग्रेस का समर्थन होगा निर्णायक
ओडिशा विधानसभा में कुल 147 सदस्य हैं। वर्तमान में भाजपा के पास 82 प्रभावी वोट हैं, बीजद के पास 48–50 और कांग्रेस के पास 14 हैं। राज्यसभा में जीतने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को कम से कम 30 प्रथम वरीयता मत चाहिए। विश्लेषकों का कहना है कि डॉ. होता को कांग्रेस का समर्थन मिलने से भाजपा की तीसरी सीट पर असर पड़ सकता है, जबकि बीजद एक सीट सुरक्षित जीत सकती है।
चुनाव की तारीख
चुनाव प्रक्रिया के अनुसार नामांकन 5 मार्च तक दाखिल होंगे। मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा और परिणाम उसी दिन घोषित किए जाएंगे। यह चुनाव बीजद के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पार्टी सत्ता से बाहर होने के बाद अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश कर रही है। भाजपा बहुमत का फायदा उठाने की रणनीति पर काम कर रही है।
उम्मीदवारों की जीत का भरोसा
पटनायक ने दोनों उम्मीदवारों की जीत पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि मिश्रा और होता राज्यसभा में ओडिशा की आवाज मजबूत करेंगे। डॉ. मिश्रा ने पार्टी का धन्यवाद किया। डॉ. होता ने स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्रों में काम करने का संकल्प दोहराया।