मुंबई : मंत्री द्वारा बुलाए गए महत्वपूर्ण बैठक में जिम्मेदार अधिकारी अनुपस्थित थे। इस पर महाराष्ट्र के पर्यावरण विभाग की मंत्री पंकजा मुंडे ने विधानसभा में खड़े होकर उस जिम्मेदार IAS अधिकारी के खिलाफ आरोप लगाए। इसके तुरंत बाद उस IAS अधिकारी को निलंबित कर दिया गया। अधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
समाचार एजेंसी के सूत्रों के अनुसार जिन अधिकारियों को निलंबित किया गया, उनमें से एक का नाम एम. देवेंद्र सिंह है। 2011 बैच के इस IAS अधिकारी महाराष्ट्र के प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (Pollution Control Board) के सदस्य सचिव हैं। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संयुक्त निदेशक सतीश पदभाल को भी निलंबित किया गया है।
जानकारी मिली है कि राज्य सरकार ने उन दोनों अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई इसलिए की क्योंकि उन्होंने राज्य के एक मंत्री को महत्वपूर्ण मामले की जानकारी के लिए बुलाए गए महत्वपूर्ण बैठक में शामिल नहीं हुए।
महाराष्ट्र सरकार ने उन दोनों अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी है। अब उस IAS अधिकारी को मुंबई में विभाग के मुख्यालय में रहने का निर्देश दिया गया है। उन्हें बिना अनुमति शहर छोड़ने या अन्य कोई काम करने की अनुमति नहीं होगी।
जानकारी के अनुसार पिछले गुरुवार को महाराष्ट्र विधानसभा के सत्र में चंद्रपुर जिले के प्रदूषण से संबंधित प्रश्न का उत्तर देने के लिए पंकजा मुंडे से कहा गया था। लेकिन महाराष्ट्र की पर्यावरण मंत्री ने कहा कि वह संबंधित प्रश्न का उत्तर नहीं दे पाएंगी। उन्होंने इसका कारण भी बताया। बताया गया कि जानकारी इकट्ठा करने के लिए उन्होंने एक बैठक बुलाई थी, लेकिन उस जरूरी बैठक में दोनों अधिकारी उपस्थित नहीं हुए। उनके अनुसार बैठक में शामिल होने के लिए कई बार कहा गया था, लेकिन सदस्य सचिव संदेश भेजकर नहीं आ पाए।
अधिकारी के खिलाफ आरोप लगाने के बाद प्रोटेम स्पीकर दिलीप लोंडे ने उनके निलंबन की सिफारिश मुख्यमंत्री के पास भेजी। अधिकारी की अनुपस्थिति को कार्य के प्रति 'बड़ी लापरवाही' और 'विधानसभा के प्रति अपमान' बताया गया। इसके बाद शुक्रवार को दोनों अधिकारियों को निलंबित करने का निर्णय लिया गया।
हालांकि इस मामले को लेकर विवाद शुरू हो गया है। महाराष्ट्र के BJP विधायक सुधीर मुंगंटवोर ने उन अधिकारियों के काम की कड़ी आलोचना की। वहीं शिवसेना के विधायक सिद्धेश कदम निलंबन पर सवाल उठाते हैं।