नयी दिल्लीः जनवरी 2026 में भारत में घरेलू हवाई यात्री यातायात में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के अनुसार, इस महीने कुल 152.49 लाख यात्री घरेलू उड़ानों से यात्रा कर चुके हैं, जो जनवरी 2025 की तुलना में 4.36% अधिक है। जनवरी 2025 में कुल 146.11 लाख यात्री उड़ानें भर चुके थे। यह आंकड़ा भारतीय विमानन क्षेत्र की बढ़ती मांग और मजबूती का संकेत देता है।
इंडिगो का दबदबा कायम, एयर इंडिया ग्रुप की हिस्सेदारी घटी
बड़े एयरलाइंस की बात करें तो इंडिगो ने जनवरी 2026 में 63.6% बाजार हिस्सा हासिल किया और 97.04 लाख यात्रियों को सेवाएं दीं। दिसंबर 2025 में पायलटों के आराम नियम और ड्यूटी प्रतिबंध के कारण इंडिगो की सेवाएं बाधित हुई थीं। उनका बाजार हिस्सा करीब 4% कम हुआ था।वहीं, एयर इंडिया ग्रुप का बाजार हिस्सा 26.5% पर रहा और उन्होंने 40.34 लाख यात्रियों को उड़ाया, जो पिछले महीने की तुलना में लगभग 3% की गिरावट है। अकासा एयर और स्पाइसजेट भी सक्रिय रहीं, लेकिन इंडिगो का दबदबा सबसे मजबूत बना रहा।
यात्री लोड फैक्टर और समय पर प्रदर्शन
यात्री लोड फैक्टर (PLF) में अकासा एयर ने 93.2% के उच्चतम आंकड़े के साथ सबसे अच्छा प्रदर्शन किया, जबकि इंडिगो का PLF 87.7% रहा। एयर इंडिया ग्रुप और स्पाइसजेट का PLF क्रमशः 86.5% और 85.9% दर्ज किया गया।
समग्र घरेलू उड़ानों की कैंसिलेशन दर केवल 1.44% रही। समय पर प्रदर्शन (On-time Performance) में इंडिगो ने छह प्रमुख मेट्रो एयरपोर्ट्स (दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, हैदराबाद और बेंगलुरु) से 70.9% की सबसे अच्छी रिकॉर्डिंग की।
घरेलू विमानन क्षेत्र में निरंतर वृद्धि और संभावनाएं
DGCA के आंकड़े दर्शाते हैं कि भारतीय घरेलू विमानन क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है और यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। यह न केवल अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग में तेजी के संकेत हैं बल्कि एयरलाइंस के लिए बेहतर सेवाएं और समय पर उड़ानों की जरूरत भी रेखांकित करता है। अंतरराष्ट्रीय यातायात में भी वृद्धि हो रही है। हालांकि घरेलू क्षेत्र अभी भी सबसे बड़ा हिस्सेदार बना हुआ है।