पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गयी है। उससे ठीक पहले SIR के अंतिम पड़ाव पर अंतिम मतदाता सूची को जारी कर दिया गया है। राज्य के दूसरे हिस्सों की तरह ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा केंद्र से भी 47,000 नामों को हटा दिया गया है। सिर्फ इतना ही नहीं इस विधानसभा केंद्र में 14,000 मतदाता ऐसे भी हैं जिनका नाम 'अंडर ज्यूडिक्शन' है।
पिछले साल 4 नवंबर को जब SIR की प्रक्रिया की शुरुआत हुई थी उस समय इस विधानसभा केंद्र में कुल मतदाताओं की संख्या 2,06,295 थी। 16 दिसंबर को जब मतदाता सूची का मसौदा जारी किया गया था तब 44,786 लोगों का नाम हटा दिया गया था। अब शनिवार (28 फरवरी) को जब अंतिम मतदाता सूची जारी की गयी, तब उसमें से और 2,324 लोगों का नाम हटा दिया गया है।
इस तरह से भवानीपुर विधानसभा केंद्र से कुल मिलाकर 47,094 लोगों का नाम मतदाताओं से हटाया जा चुका है। गौर करने वाली बात यह रही कि वर्ष 2021 के भवानीपुर उपचुनाव में यह संख्या ममता बनर्जी को मिले 58,000 से अधिक वोटों के अंतर से लगभग 11,000 कम है।
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हाल के सालों में हाई-वोल्टेज मुकाबले देखने वाले इस चुनाव क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर नाम हटाया जाना राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। साल 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल के वरिष्ठ नेता शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने यह सीट 28,000 से ज्यादा वोटों से जीता था। बाद में जब भवानीपुर सीट को ममता बनर्जी के लिए उन्होंने छोड़ा और इस सीट पर उपचुनाव हुआ तो ममता बनर्जी ने उसे 58,000 से अधिक वोटों के अंतर से जीता।
हालांकि भाजपा बार-बार यह दावा कर रही है कि साल 2026 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर उनका कब्जा होगा।
विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि अब तक करीब 47000 लोगों का नाम इस विधानसभा केंद्र से हटा दिया गया है। साथ ही उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि मुझे नहीं लगता है कि ममता बनर्जी इस बार इस विधानसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी।
वहीं तृणमूल ने भाजपा के आरोपों को मानने से इनकार करते हुए कहा कि मतदाता के नाम गलत तरीके से हटाया गया है, वे अपना नाम फिर से जोड़ने के लिए आवेदन करेंगे।
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तृणमूल प्रवक्ता ने PTI से हुई बातचीत के दौरान कहा कि मतदाता सूची में फिर से नाम जुड़वाने के लिए एक और मौका मिलेगा। इस मतदाता सूची को ही अंतिम मतदाता सूची मानकर बैठ जाना गलत होगा। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि हम सभी जानते हैं कि भाजपा-चुनाव आयोग गंदा खेल खेल रहा है लेकिन इसका कोई फायदा नहीं मिलेगा।
आनंदबाजार पत्रिका की मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार भवानीपुर 267 मतदान केंद्र हैं। इसके अलावा मेयर फिरहाद हकीम के इलाके की बात करें तो कोलकाता पोर्ट विधानसभा केंद्र में मतदाता सूची के मसौदा में 1 लाख 79 हजार 735 लोगों का नाम था। शनिवार को जो मतदाता सूची जारी की गयी है उसमें 1 लाख 79 हजार 239 लोगों का नाम है। इस विधानसभा केंद्र में 32 हजार 378 लोग ऐसे हैं, जो विचाराधीन हैं।
रासबिहारी विधानसभा केंद्र में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 269 बतायी जाती है। मतदाता सूची के मसौदा में 1 लाख 60 हजार 21 लोगों का नाम था जबकि अंतिम मतदाता सूची में 1 लाख 58 हजार 955 लोगों का नाम है। इस विधानसभा केंद्र में अभी तक 8157 लोगों के दस्तावेजों की जांच नहीं हो सकी है।
मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि दक्षिण कोलकाता में कुल मतदान केंद्रों की संख्या 1093 है। चुनाव आयोग ने जब मतदाता सूची का मसौदा जारी किया था तब उसमें 6 लाख 91 हजार 306 लोगों का नाम था। शनिवार को जारी अंतिम मतदाता सूची में 6 लाख 88 हजार 99 लोगों का नाम है। दक्षिण कोलकाता जिले में कुल 'विचाराधीन' लोगों की संख्या 78 हजार 657 बतायी जाती है।