सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार पश्चिम बंगाल के अलग-अलग जिलों की अंतिम मतदाता सूची (Final Electoral Roll) चरणबद्ध तरीके से जारी की जा रही है। राज्य के कौन से जिले से कितने मतदाताओं का नाम हटाया गया है? कोलकाता के अलग-अलग हिस्सों से कितने मतदाताओं का नाम हटाया गया है? चुनाव आयोग सूत्रों से प्राप्त जानकारी के आधार पर आइए जान लेते हैं -
कौन से जिले से कितने मतदाताओं का नाम हटा?
चुनाव आयोग सूत्रों के आधार पर पता चला है कि कौन से जिले से कितने मतदाताओं का नाम हटाया गया है। आइए इस बारे में विस्तार से जान लेते हैं -
* उत्तर कोलकाता के 17 हजार मतदाताओं का नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाया गया है।
* दक्षिण कोलकाता के 3207 मतदाताओं का नाम अंतिम मतदाता सूची से हटाया गया है।
* बांकुड़ा जिले के लगभग 1 लाख 35 हजार मतदाताओं का नाम हटा है।
* अलीपुरदुआर जिले के 11 हजार 692 मतदाताओं का नाम अंतिम मतदाता सूची से हटा दिया गया है। सूत्रों के हवाले से बताया जाता है कि उक्त जिले में 80,494 लोगों के नाम अभी भी विचाराधीन हैं यानी अंडर एडज्यूडिकेशन।
* नदिया जिले से करीब 60 हजार मतदाताओं का नाम अंतिम मतदाता सूची से हटा दिया गया है और लगभग 2 लाख 16 हजार मतदाता ऐसे हैं जिनके नाम अभी भी विचाराधीन हैं।
* हुगली जिले से लगभग 16 हजार मतदाताओं का नाम हटाया गया है। प्रशासनिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हुगली जिला में मतदाता सूची के मसौदे से अंतिम मतदाता सूची में लगभग 16 हजार मतदाताओं का नाम हटाया तो गया है लेकिन अभी भी 1 लाख 73 हजार 64 लोगों का नाम विचाराधीन है। हुगली जिले के मतदाता सूची का मसौदा जब जारी किया गया था तब मतदाताओं की संख्या लगभग 44 लाख 56 हजार 225 बतायी गयी थी।
चार जिलों में भेजे गए वरिष्ठ IPS अधिकारी
चुनाव आयोग ने SIR की प्रक्रिया के अंतिम चरण के तहत अंतिम मतदाता सूची को जारी कर दिया है। ऐसी स्थिति में संभावना जतायी जा रही है कि जिन लोगों का नाम मतदाता सूची से हटाया गया है वह अपनी नाराजगी जाहिर करें। इस वजह से सावधानी बरतते हुए राज्य के 4 जिलों में 4 वरिष्ठ IPS अधिकारियों को भेजा गया है।
इनमें शामिल है मालदह, कृष्णनगर, मुर्शिदाबाद और कूचबिहार। इन चारों जिलों की जिम्मेदारी जिन वरिष्ठ IPS अधिकारियों को सौंपी गयी है उनमें शामिल हैं - अजय नंद, गौरव शर्मा, राशिद मुनिर खान और सुनील कुमार यादव।
चुनाव आयोग सूत्रों के हवाले से abp न्यूज की मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्तमान में 60 लाख से अधिक मतदाताओं के दस्तावेजों की जांच और निपटारे की प्रक्रिया लंबित है। लॉजिकल डिस्क्रिपेंसी के मामले में फंसे इन मतदाताओं का नाम भले ही मतदाता सूची में हो, लेकिन SIR की प्रक्रिया अभी खत्म नहीं हुई है। दावा किया जाता है कि SIR की प्रक्रिया शुरू होने से पहले पश्चिम बंगाल में कुल मतदाताओं की संख्या 7 करोड़ 66 लाख थी। मतदाता सूची का मसौदा जारी होने के बाद उसमें से लगभग 58 लाख मतदाताओं का नाम हटा दिया गया था।
Electoral Roll will be published on
— CEO West Bengal (@CEOWestBengal) February 27, 2026
February 28, Saturday.
How to check your name in the Voter List?#SIR #ROLL@ECISVEEP @SpokespersonECI @PIBKolkata @airnews_kolkata pic.twitter.com/fs08Qnw2cj
ऑनलाइन कहां देख सकेंगे मतदाता सूची?
चुनाव आयोग सूत्रों के हवाले से बताया जाता है कि शनिवार की दोपहर तक पहला ऑनलाइन मतदाता सूची जारी कर दिया गया है। चुनाव आयोग से मिली जानकारी के अनुसार ऑनलाइन मतदाता सूची को देखने के लिए मोबाइल में ECINET ऐप को डाउनलोड करना होगा। इसके अलावा Voters.eci.gov.in अथवा ceowestbengal.wb.gov.in पर जाकर भी अंतिम मतदाता सूची को डाउनलोड व देखा जा सकता है। इसके अलावा ऑफलाइन माध्यम से मतदाता सूची देखने के लिए अपने मतदान केंद्र अथवा BLO से संपर्क कर सकते हैं।