कोलकाता : मेट्रो की ग्रीन लाइन के सेंट्रल पार्क स्टेशन के पास ही हरा-भरा मैदान विधाननगर म्युनिसिपल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स। शुक्रवार सुबह वहीं अभ्यास के दौरान धीरज सिंह, जॉबी जस्टिन, होलिचरण नार्जारी, ब्राइस मिरांडा और गिरीक खोसला जैसे आईएसएल में खेल चुके कई नामी फुटबॉलरों की शारीरिक भाषा में उत्साह और आत्मविश्वास झलक रहा था। आज यही सितारे डायमंड हारबर एफसी की ओर से कल्याणी के मैदान में आई-लीग, यानी नई ब्रांडिंग के तहत इंडियन फुटबॉल लीग में खेलने उतरेंगे। प्रतिद्वंद्वी है श्रीनिधि डेक्कन। भारतीय फुटबॉल में डीएचएफसी का उभार रॉकेट की रफ्तार से हुआ है। पांच साल पुराना यह क्लब अपने पहले ही प्रयास में चैंपियन बनकर आईएसएल का टिकट पाना चाहता है।
जॉबी – होलिदेर के साथ शुरू से ही पांच विदेशी खिलाड़ी जुड़े हुए हैं - संडे अफोलाबी, मिकेल कोर्तासार (डिफेंस), ह्यूगो डायस, एंटोनियो मोयानो (मिडफील्ड) और लुका मायसेन (फॉरवर्ड)। स्लोवाकिया के लुका ने भारत में शानदार सफलता हासिल की है। गोकुलम और मिनर्वा पंजाब के साथ वह आई-लीग चैंपियन रह चुके हैं और चर्चिल के साथ उपविजेता बने थे। कोच किबु विकुना के पास बैठकर प्रेस मीट में लुका ने कहा कि हम छह महीने से अभ्यास कर रहे हैं। मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए हम तैयार हैं। लुका इतने गंभीर हैं कि कोलकाता में इतने दिन रहने के बावजूद कहीं घूमने नहीं गए। उनका कहना है कि मैं यहां घूमने नहीं आया हूं। मैं एक निश्चित लक्ष्य के साथ आया हूं। वह लक्ष्य है चैंपियन बनना।
स्पेनिश कोच किबु ही इस टीम के सपनों के शिल्पकार हैं। उनकी कोचिंग में आई-लीग थ्री और आई-लीग टू में चैंपियन बनने के बाद, इस सीजन में कोलकाता लीग में उपविजेता और पहली बार डुरंड कप में उतरते ही फाइनलिस्ट बना है डायमंड हार्बर। किबु ने कहा कि होम–अवे सिस्टम नहीं होने से लीग की खूबसूरती कम हो गई है। इसलिए यह लीग नहीं सिर्फ एक टूर्नामेंट है। चैंपियन बनने के लिए हर मैच में संतुलित ढंग से आगे बढ़ना होगा।
भारतीय फुटबॉल के नए अध्याय की रचना के लक्ष्य के साथ हरी झंडी का इंतजार कर रही है डायमंड हार्बर एक्सप्रेस।