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हाई-टेक इंडिया की ओर बड़ा कदम, पीएम मोदी ने साणंद में माइक्रॉन सेमीकंडक्टर फैक्ट्री खोली

मेड इन इंडिया चिप्स का पहला कमर्शियल प्रोडक्शन, AI और हाई-टेक इंडस्ट्री में भारत का बड़ा कदम।

By श्वेता सिंह

Feb 28, 2026 18:45 IST

नयी दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को गुजरात के साणंद में माइक्रॉन सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्ट और पैकेजिंग (ATMP) फैसिलिटी का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने इसे भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम बताया। पीएम मोदी ने दावा किया कि अब भारत तेजी से ग्लोबल सेमीकंडक्टर वैल्यू चेन का हिस्सा बन रहा है।

प्रधानमंत्री ने इसे AI क्रांति का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया। उन्होंने कहा, "अगर पिछली सदी में तेल नियंत्रक था, तो इस सदी में माइक्रोचिप नियंत्रक होगा।" उन्होंने भारत-अमेरिका साझेदारी का भी जिक्र किया और कहा कि Pax Silica पहल के तहत दोनों देश AI और चिप्स के क्षेत्र में सप्लाई चेन को मजबूत बनाने पर काम कर रहे हैं।

फैसिलिटी के बारे में बताया गया कि यह इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत पहला मंजूर प्रोजेक्ट है, जिसका ग्राउंडब्रेकिंग सितंबर 2023 में हुआ था। कुल निवेश 22,516 करोड़ रुपये (लगभग 2.75 बिलियन डॉलर) है। फैसिलिटी में 5 लाख वर्ग फुट से अधिक क्लीनरूम स्पेस होगा, जो दुनिया के सबसे बड़े सिंगल-फ्लोर क्लीनरूम्स में शामिल है। यहां एडवांस्ड DRAM और NAND वेफर्स को फिनिश्ड मेमोरी और स्टोरेज प्रोडक्ट्स में बदला जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2026 में यहां तकरीबन दसियों मिलियन चिप्स असेंबल और टेस्ट होंगे, जो 2027 में सैकड़ों मिलियन तक बढ़ जाएंगे। यह AI, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और ग्लोबल डिमांड को पूरा करने के लिए तैयार किया गया है।

भारत का सेमीकंडक्टर क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है। ISM 1.0 के तहत अब तक 6 राज्यों में 10 प्रोजेक्ट्स मंजूर हुए हैं, जिनका कुल निवेश 1.60 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। ISM 2.0 के तहत 2026-27 में 8,000 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है।

वर्तमान में घरेलू सेमीकंडक्टर मार्केट 2024-25 में 45-50 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है और 2030 तक यह 100-110 बिलियन डॉलर होने का अनुमान है। भारत का लक्ष्य 2029 तक घरेलू जरूरतों के 70-75% चिप्स डिजाइन और मैन्युफैक्चर करना है। भारत ने 2035 तक टॉप सेमीकंडक्टर देशों में शामिल होने का लक्ष्य रखा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह विकास भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता और ग्लोबल लीडरशिप की ओर ले जा रहा है। इसमें कोई शक नहीं कि अब यह विकास AI, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, डिफेंस और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भारत की क्षमताओं को बढ़ाएगा।

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