कोलकाता : कोलकाता में होली उत्सव के आरंभ के पहले रविवार, 1 मार्च 2026 को भगवान सत्यनारायण की भव्य शोभायात्रा हावड़ा से बड़ाबाजार तक धूमधाम से निकाली गई। दोपहर 12:30 बजे यह यात्रा हावड़ा के मुखराम कनोडिया रोड स्थित मंदिर से शुरू हुई और ऐतिहासिक हावड़ा ब्रिज को पार करते हुए बड़ाबाजार के विभिन्न मार्गों से होती हुई 51, कॉटन स्ट्रीट स्थित मंदिर पहुंची।
इस शोभायात्रा की सबसे खास बात यह रही कि ठाकुर जी की झांकी 1921 मॉडल की विंटेज Rolls-Royce कार में निकाली गई। यह कार कभी प्रसिद्ध लेखक रुडयार्ड किपलिंग की बताई जाती है। वर्ष 1927 में बागला परिवार ने इसे खरीदा और तब से इसे धार्मिक सेवा के लिए समर्पित कर दिया गया। आज यह कार राधा-कृष्ण की चलती-फिरती वेदी बन चुकी है और वार्षिक डोल यात्रा का मुख्य आकर्षण है।
इससे पहले फाल्गुन शुक्ल दशमी, 26 फरवरी को शोभायात्रा बड़ाबाजार के मंदिर से हावड़ा पहुंची थी। वहां तीन दिनों तक भजन-कीर्तन, डांडिया, गोठ और अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। आज उसी क्रम में भगवान सत्यनारायण की शोभायात्रा पुनः हावड़ा से बड़ाबाजार लाई गई।
यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालु अबीर-गुलाल उड़ाते हुए, गाजे-बाजे और भजनों के साथ शामिल हुए। पूरा मार्ग रंग-बिरंगे फूलों और भक्तिरस से सराबोर नजर आया। पश्चिम बंगाल में होली को ‘दोल’ या दोलयात्रा के रूप में मनाया जाता है, जो वसंत के आगमन का प्रतीक है।
कोलकाता की यह अनोखी ‘रोल्स-रॉयस होली’ परंपरा और आस्था का अद्भुत संगम बन चुकी है, जिसे देखने के लिए हर वर्ष भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं।