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चेहरे की मसाज: निखरी त्वचा और तनाव से राहत का आसान उपाय

नियमित रूप से और सही विधि से की गई चेहरे की मसाज न केवल त्वचा को स्वस्थ बनाती है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम करती है।

By राखी मल्लिक

Mar 01, 2026 19:19 IST

हाल के वर्षों में चेहरे की मसाज की लोकप्रियता तेज़ी से बढ़ी है। कई प्रसिद्ध व्यक्तियों और त्वचा विशेषज्ञों ने इससे होने वाले लाभों को स्वीकार किया है। यह उपचार केवल सौंदर्य तक सीमित नहीं है, बल्कि त्वचा के समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखने में भी सहायक माना जाता है। चीन, स्वीडन और अन्य देशों की पारंपरिक तकनीकों ने आधुनिक फेशियल मसाज पद्धतियों को समृद्ध बनाया है। यदि आपने पहले कभी चेहरे की मसाज नहीं कराई है, तो इसके लाभ और सही विधि की जानकारी होना आवश्यक है।

1. चेहरे की मसाज के प्रमुख लाभ

चेहरे की मसाज से त्वचा के अंदर रक्त संचार में सुधार होता है। बेहतर रक्त प्रवाह के कारण त्वचा को अधिक ऑक्सीजन और आवश्यक पोषक तत्व प्राप्त होते हैं, जिससे चेहरा अधिक ताजा और चमकदार दिखता है। नियमित मसाज से कोलेजन और इलास्टिन जैसे प्रोटीन के निर्माण में सहायता मिलती है, जो त्वचा को कसा हुआ और जवां बनाए रखते हैं।

इसके अतिरिक्त मसाज लसीका तंत्र (लिम्फेटिक सिस्टम) को सक्रिय करती है। यह तंत्र शरीर से अतिरिक्त द्रव और विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। जब लसीका प्रवाह सुचारु रहता है, तो चेहरे की सूजन और पफीनेस कम हो जाती है। कुछ अध्ययनों से यह भी संकेत मिलता है कि उचित तकनीक से की गई मसाज मुहांसे, साइनस दबाव और तनाव से राहत दिलाने में सहायक हो सकती है।

2. सही तकनीक और प्रक्रिया

चेहरे की मसाज शुरू करने से पहले त्वचा की अच्छी तरह सफाई करना आवश्यक है, ताकि धूल और तेल हट जाएं। इसके बाद हल्के हाथों से ऊपर और बाहर की दिशा में स्ट्रोक दिए जाते हैं। ‘एफ्ल्यूरेज’ तकनीक में कोमल गोलाकार गति से त्वचा को गर्म किया जाता है। ‘पेट्रिसेज’ तकनीक में हल्का दबाव देकर मांसपेशियों को आराम दिया जाता है।

लसीका जल निकासी (लिम्फेटिक ड्रेनेज) के लिए उंगलियों से धीरे-धीरे अंदर से बाहर और ऊपर से नीचे की दिशा में मालिश की जाती है। आवश्यकता होने पर फेस रोलर जैसे उपकरणों का उपयोग भी किया जा सकता है। मसाज के बाद सीरम या मॉइस्चराइजर लगाने से उत्पाद त्वचा में बेहतर तरीके से अवशोषित होते हैं।

3. अन्य उपचारों के साथ संयोजन

फेशियल मसाज को एक्सफोलिएशन, एलईडी लाइट थेरेपी या डर्माप्लानिंग जैसे उपचारों के साथ जोड़ा जा सकता है। इससे मृत कोशिकाएं हटती हैं और त्वचा अधिक चिकनी व साफ दिखती है।

नियमित रूप से और सही विधि से की गई चेहरे की मसाज न केवल त्वचा को स्वस्थ बनाती है, बल्कि मानसिक तनाव भी कम करती है। यदि इसे स्किन केयर रूटीन का हिस्सा बना लिया जाए, तो लंबे समय तक त्वचा की प्राकृतिक चमक और कसावट बनाए रखी जा सकती है।

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