नई दिल्ली: देशभर में मुसलमान बड़ी संख्या में एकत्र हुए और ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई के निधन पर शोक व्यक्त किया तथा अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
राष्ट्रीय राजधानी में शिया समुदाय के सदस्यों ने ईरान के सुप्रीम लीडर के असामयिक निधन पर शोक जताने के लिए कैंडल मार्च निकाला। ऑल इंडिया शिया काउंसिल ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर खामेनेई की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन किया और अमेरिका तथा इज़राइल के खिलाफ नारे लगाए।
उत्तर प्रदेश में शिया समुदाय के सदस्य लखनऊ के छोटा इमामबाड़ा में श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र हुए। लखनऊ की सड़कों पर भी भारी भीड़ जुटी और अमेरिका तथा इज़राइल के खिलाफ नारेबाज़ी की गई।
रायपुर में भी शिया समुदाय ने कैंडल मार्च निकाला। बिहार के पटना में भी इसी तरह के प्रदर्शन हुए, जहां लोगों ने अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ आक्रोश जताया।
जम्मू-कश्मीर में भी इसी तरह के प्रदर्शन देखने को मिले, जहां पुरुष, महिलाएं और बच्चे एकत्र होकर अमेरिका और इज़राइल के हमले की निंदा करते नजर आए।
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने भी अमेरिका-इज़राइल हमलों की निंदा की और खामेनेई को “बहादुर” नेता बताया, जिनकी क्षति पूरी दुनिया महसूस कर रही है।
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने रविवार को खामेनेई की हत्या की निंदा करते हुए अमेरिका और इज़राइल के हमले को “कायरतापूर्ण और अमानवीय” बताया। उन्होंने कहा, “ईरान के एक सम्मानित नेता आयातुल्लाह खामेनेई की हत्या कर दी गई; ईरानी निश्चित रूप से इसका जवाब देंगे। जिनेवा में शांति वार्ता चल रही थी, उसी दौरान हमला किया गया। यह कायरतापूर्ण और अमानवीय हमला है। यदि यह युद्ध जारी रहा तो तेल की कीमतें बढ़ेंगी और एक डॉलर की वृद्धि भी भारतीय अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डालेगी।”
ऑल इंडिया शिया मजलिस-ए-उलेमा-वा-ज़ाकिरीन के निसार हुसैन हैदर आगा ने भी अमेरिका और इज़राइल के हमले की निंदा की। उन्होंने कहा, “दुनिया ने एक साहसी नेता खो दिया है। इतिहास उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में याद रखेगा, जिन्होंने अनेक प्रतिबंधों के बावजूद अपने देश के निर्माण के लिए काम किया। ऐसे व्यक्ति की क्षति बेहद पीड़ादायक है। न तो इज़राइल और न ही अमेरिका आमने-सामने लड़ने का साहस रखते हैं। वे तकनीक के जरिए हत्या कर रहे हैं। उनमें ज़मीनी युद्ध का साहस नहीं है।”
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने कहा कि आयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या से पूरा इस्लामी समुदाय दुखी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका और इज़राइल की “कपटपूर्ण कार्रवाइयों” और “अत्याचार” ने इस स्थिति को जन्म दिया और दोनों देशों को “क्रूर और अत्याचारी” बताया।
शिया जामा मस्जिद के इमाम मौलाना मोहम्मद अली मोहसिन तक़वी ने भी इस घटना की निंदा करते हुए कहा कि यह एक चिंताजनक उदाहरण है, जहां देशों की संप्रभुता खतरे में पड़ सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी सरकारी मीडिया ने हमलों में खामेनेई की मृत्यु की पुष्टि की है। ईरानी सरकारी मीडिया ने यह भी बताया कि खामेनेई की बेटी, नाती/पोते, बहू और दामाद भी हमले में मारे गए।