ईरान और पश्चिम एशिया की वर्तमान परिस्थिति के मद्देनजर 400 से अधिक उड़ानों के रद्द होने की आशंका जतायी गयी है। भारत के नागर विमानन मंत्रालय ने रविवार को इस बात की घोषणा की। शनिवार को DGCA और विभाग के अधिकारियों के साथ नागर विमानन मंत्रालय के मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु (Ram Mohan Naidu Kinjarapu) ने बैठक की। उन्होंने कहा कि देश के यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
पश्चिम एशिया में युद्ध की शुरुआत हो चुकी है। शनिवार को ईरान पर अमेरिका और इजरायली सेना ने हमला किया था। इसके बाद ही ईरान ने अपने आकाश पथ को बंद कर दिया। तेहरान पर से होकर गुजरने वाले सभी विमानों के गतिपथ में बदलाव किया गया है। हमला शुरू होने के बाद से लेकर अब तक हजारों की संख्या में उड़ानों को रद्द कर दिया गया है। इस वजह से लाखों यात्री एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए हैं।
Due to airspace restrictions over Iran and parts of the Middle East, 410 flights of domestic carriers were cancelled on 28 February, and 444 flights are expected to be cancelled on 1 March.
— MoCA_GoI (@MoCA_GoI) February 28, 2026
DGCA is maintaining close coordination with airlines to ensure full compliance with
इसका प्रभाव भारत पर भी पड़ा है। शनिवार को ही 410 फ्लाइट्स को रद्द कर दिया गया है। आज रविवार को नागर विमानन मंत्रालय ने कम से कम 444 फ्लाइट्स के रद्द होने की आशंका जतायी है। मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि ईरान और पश्चिम एशिया के कई देशों के आकाश मार्ग को बंद कर देने की वजह से यह फैसला लिया गया है।
यात्री व एयरलाइंस कंपनी के लिए भारत की विमान परिवहन नियंत्रक संस्था Directorate General of Civil Aviation (DGCA) ने आवश्यक सेफ्टी एडवाइजरी जारी किया है। नागर विमानन मंत्रालय ने बताया है कि DGCA परिस्थिति पर नजर रख रही है।
दूसरी तरफ नागर विमानन मंत्रालय की ओर से बताया गया है कि भारतीय एयरलाइंस कंपनियों को आकाशसीमा से संबंधित सलाह और NOTAM पर लगातार नजरें बनाए रखने की सलाह दी गयी है। इसके साथ ही विश्वव्यापी सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ मिलकर व आवश्यक रुटीन बदलाव करने की बात भी कही गयी है।