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मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव और ईरान पर हमलों के बाद डीजीसीए की भारतीय एयरलाइंस को विस्तृत सुरक्षा चेतावनी

खाड़ी और आसपास के हवाई क्षेत्र में बढ़े जोखिम के मद्देनज़र भारतीय उड़ानों को प्रभावित एयरस्पेस से दूर रहने के सख्त निर्देश। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप डीजीसीए की एडवाइजरी 2 मार्च तक सभी भारतीय ऑपरेटरों के लिए प्रभावी।

By डॉ. अभिज्ञात

Feb 28, 2026 22:16 IST

नयी दिल्लीः भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने आज एक जरूरी सुरक्षा सलाह जारी करते हुए सभी भारतीय एयरलाइंस को चेतावनी दी कि मध्य पूर्व और फारस की खाड़ी के हवाई क्षेत्र में इस समय उड़ान संचालन जोखिम भरा हो सकता है। यह सलाह क्षेत्र में अचानक बढ़े सैन्य तनाव के बाद जारी की गई। डीजीसीए ने बताया कि यह कदम यूरोपीय संघ की विमानन सुरक्षा एजेंसी द्वारा जारी “कॉन्फ्लिक्ट ज़ोन इन्फॉर्मेशन बुलेटिन” की समीक्षा के बाद उठाया गया है। हाल ही में अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के ठिकानों पर किए गए सैन्य हमलों के कारण नागरिक विमानों के लिए खतरा बढ़ गया है।

डीजीसीए के अनुसार ईरान ने जवाबी कार्रवाई की घोषणा की है, जिससे आशंका है कि सैन्य टकराव का असर नागरिक विमानों पर भी पड़ सकता है। सलाह में कहा गया है कि क्षेत्र में अमेरिका और इज़राइल से जुड़े ठिकानों पर संभावित जवाबी हमले हो सकते हैं, जिससे ईरान और पड़ोसी देशों का हवाई क्षेत्र प्रभावित हो सकता है। इसके अलावा क्रूज़ मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल, हर ऊंचाई पर काम करने वाली एयर डिफेंस प्रणालियां और सैन्य विमान जैसी उन्नत हथियार प्रणालियों की मौजूदगी भी बड़ा खतरा है। सैन्य गतिविधियों के दौरान नागरिक विमान की गलत पहचान हो जाने, गलत आकलन या इंटरसेप्शन प्रक्रिया में चूक का भी जोखिम बताया गया है।

यह उच्च जोखिम क्षेत्र कई फ्लाइट इन्फॉर्मेशन रीजन यानी एफआईआर को कवर करता है, जिनमें तेहरान, बगदाद, तेल अवीव, अम्मान, बेरूत, कुवैत, जेद्दा, अमीरात, बहरीन, दोहा और मस्कट शामिल हैं और इन सभी क्षेत्रों में हर ऊंचाई पर उड़ान को जोखिमपूर्ण माना गया है। अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुरूप डीजीसीए ने भारतीय एयरलाइंस को निर्देश दिया है कि वे इन प्रभावित हवाई क्षेत्रों में किसी भी स्तर पर उड़ान न भरें और संबंधित देशों द्वारा जारी अद्यतन एयरोनॉटिकल सूचना प्रकाशन (एआईपी) तथा नोटिस टू एयरमेन (नोटाम) पर लगातार नजर रखें। डीजीसीए ने यह भी स्पष्ट किया कि सीरिया और यमन के हवाई क्षेत्र को लेकर पहले जारी की गई सुरक्षा सलाह अभी भी प्रभावी है।

यह नई सलाह तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है और 2 मार्च 2026 तक मान्य रहेगी, जब तक कि इसकी समीक्षा या संशोधन न किया जाए। एयरलाइंस से कहा गया है कि वे इस सूचना की प्राप्ति की पुष्टि करें और अपने फ्लाइट प्लानिंग विभाग को तत्काल अपडेट करें क्योंकि सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। यह सलाह ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में हालात तेजी से बिगड़े हैं। इज़राइल और अमेरिका के संयुक्त सैन्य हमलों के बाद ईरान ने जवाबी धमकी दी है और ईरान, इज़राइल तथा इराक के कुछ हवाई क्षेत्र बंद कर दिए गए हैं, जिससे भारत और खाड़ी देशों के बीच चलने वाली कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें प्रभावित हुई हैं। देश की कई एयरलाइंस को उड़ानों का मार्ग बदलना पड़ा है या कुछ उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। हवाई अड्डों पर फंसे यात्रियों की सहायता के लिए हेल्प डेस्क बनाए गए हैं। एयर इंडिया और इंडिगो ने कहा है कि वे विमानन अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में हैं और स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रख रहे हैं। एयरलाइंस ने भरोसा दिलाया है कि जैसे ही सुरक्षित हवाई मार्ग उपलब्ध होंगे, सेवाएं फिर से शुरू कर दी जाएंगी और यात्रियों से अपील की है कि वे ताजा जानकारी के लिए आधिकारिक स्रोतों पर नजर बनाए रखें।

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