कोलकाताः राज्य में SIR के बाद विश्वकप विजेता भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज रिचा घोष का नाम मतदाता सूची में ‘विचाराधीन’ (Under Adjudicated) दर्ज होने की खबर सामने आई है। यह जानकारी सार्वजनिक होते ही राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई। तृणमूल नेतृत्व ने इस पर आपत्ति जताई।
रविवार शाम इस मामले में चुनाव आयोग ने अपना पक्ष स्पष्ट किया।
चुनाव आयोग की ओर से जारी बयान में कहा गया कि 2002 की मतदाता सूची के साथ रिचा घोष का नाम ‘मैपिंग’ नहीं हुआ था। इसी कारण उन्हें सुनवाई का नोटिस भेजा गया था। सुनवाई में उनके एक रिश्तेदार उपस्थित हुए और आवश्यक दस्तावेज जमा किए।
हालांकि दस्तावेज जमा होने के बाद भी संबंधित ईआरओ/एईआरओ द्वारा आवश्यक सत्यापन कर इस मामले का निपटारा नहीं किया गया।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार फिलहाल कोलकाता हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त न्यायिक अधिकारी दस्तावेजों की जांच करेंगे। इसी वजह से उनके नाम के आगे मतदाता सूची में ‘Under Adjudicated’ लिखा हुआ है।
चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि संबंधित ईआरओ या एईआरओ की लापरवाही पाई जाती है तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रिचा घोष, शिलिगुड़ी नगर निगम के वार्ड नंबर 19 की निवासी हैं। विश्वकप जीत के बाद राज्य सरकार ने उन्हें सम्मानित किया था। उन्हें राज्य पुलिस में डीएसपी पद पर नियुक्ति भी दी गई है।